कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट के बावजूद मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल बढ़ाया टैक्स

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कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट के बावजूद मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल बढ़ाया टैक्स

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी (Special Excise Duty) और रोड सेस (Road Cess) बढ़ाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद देश में पेट्रोल-डीज़ल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ जाएंगे। पेट्रोल के मामले में स्‍पेशल एक्‍साइज ड्यूटी 2 रुपये बढ़ाकर 8 रुपये कर दी गई है। वहीं, डीजल की स्‍पेशल एक्‍साइज ड्यूटी बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। आधिकारिक अधिसूचना में इस बात की जानकारी दी गई है।    

Modi Government Increases Petrol Diesel Tax Despite Huge Drop In Crude Oil Price :

क्यों लिया ये फैसला- एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस फैसले से अर्थव्यवस्था में आई कमजोरी से जूझ रही सरकार को अतिरिक्त धन जुटाने में मदद मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई गिरावट की वजह से सरकार के लिए यह फैसला करना संभव हुआ है। हालांकि, यह देखना होगा कि हाल ही में तेल की कीमतों में मामूली कटौती कर रहीं तेल कंपनियां इस बढ़ोत्तरी का बोझ ग्राहकों पर डालेंगी या नहीं।

रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट 1991 के बाद सबसे ज्यादा है। 2008 की मंदी के दौरान भी कच्चे तेल के दाम लुढ़के थे। इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड का दाम 28 फीसदी लुढ़का है। इससे पहले 18 जनवरी, 1991 वाले हफ्ते में कच्चे तेल का भाव 29 फीसदी लुढ़का था। इसी तरह से डब्ल्यूटीआई (वर्ल्ड टैक्सेस इंटरमीडिएट- कच्चे तेल की एक श्रेणी जिसे तेल मूल्य निर्धारण में बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।) इस सप्ताह 25 फीसदी की गिरावट के लिए तैयार है। इससे पहले 19 दिसंबर, 2008 वाले हफ्ते में कच्चे तेल के दाम गिरे थे।

पेट्रोल-डीजल की कीमत कम की जाए, संसद के भीतर और बाहर बनाएंगे सरकार पर दबाव: कांग्रेस

कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क और रोड सेस को लेकर तीन रुपये की बढ़ोतरी को लेकर शनिवार को सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार पर दबाव बनाएगी। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम करे और पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘सरकार ने लोगों को फायदा देने की बजाय उत्पाद शुल्क तीन रुपये बढ़ा दिया। सरकार को इससे 40 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा। कच्चे तेल की कीमत कम होने से सरकार को पहले ही 3.4 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हो चुका है।’ उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों, किसानों और ट्रांसपोर्टर हो होगा। इससे महंगाई बढ़ेगी।

माकन ने सवाल किया, ‘सरकार कह रही है कि उपभोक्ता को अतिरिक्त पैसे नहीं देने पड़ेंगे, लेकिन हमारा कहना है कि जब कच्चे तेल की कीमत इतनी ज्यादा गिर गई है तो उपभोक्ता को राहत क्यों नहीं मिल रही है?’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की जाए। इन उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए और उत्पाद शुल्क की दर को 2014 के स्तर पर लाया जाए।’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार पर दबाव बनाएगी।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी (Special Excise Duty) और रोड सेस (Road Cess) बढ़ाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद देश में पेट्रोल-डीज़ल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ जाएंगे। पेट्रोल के मामले में स्‍पेशल एक्‍साइज ड्यूटी 2 रुपये बढ़ाकर 8 रुपये कर दी गई है। वहीं, डीजल की स्‍पेशल एक्‍साइज ड्यूटी बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। आधिकारिक अधिसूचना में इस बात की जानकारी दी गई है।     क्यों लिया ये फैसला- एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इस फैसले से अर्थव्यवस्था में आई कमजोरी से जूझ रही सरकार को अतिरिक्त धन जुटाने में मदद मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई गिरावट की वजह से सरकार के लिए यह फैसला करना संभव हुआ है। हालांकि, यह देखना होगा कि हाल ही में तेल की कीमतों में मामूली कटौती कर रहीं तेल कंपनियां इस बढ़ोत्तरी का बोझ ग्राहकों पर डालेंगी या नहीं। रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट 1991 के बाद सबसे ज्यादा है। 2008 की मंदी के दौरान भी कच्चे तेल के दाम लुढ़के थे। इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड का दाम 28 फीसदी लुढ़का है। इससे पहले 18 जनवरी, 1991 वाले हफ्ते में कच्चे तेल का भाव 29 फीसदी लुढ़का था। इसी तरह से डब्ल्यूटीआई (वर्ल्ड टैक्सेस इंटरमीडिएट- कच्चे तेल की एक श्रेणी जिसे तेल मूल्य निर्धारण में बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।) इस सप्ताह 25 फीसदी की गिरावट के लिए तैयार है। इससे पहले 19 दिसंबर, 2008 वाले हफ्ते में कच्चे तेल के दाम गिरे थे। पेट्रोल-डीजल की कीमत कम की जाए, संसद के भीतर और बाहर बनाएंगे सरकार पर दबाव: कांग्रेस कांग्रेस ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क और रोड सेस को लेकर तीन रुपये की बढ़ोतरी को लेकर शनिवार को सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार पर दबाव बनाएगी। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम करे और पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘सरकार ने लोगों को फायदा देने की बजाय उत्पाद शुल्क तीन रुपये बढ़ा दिया। सरकार को इससे 40 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा। कच्चे तेल की कीमत कम होने से सरकार को पहले ही 3.4 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हो चुका है।’ उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों, किसानों और ट्रांसपोर्टर हो होगा। इससे महंगाई बढ़ेगी। माकन ने सवाल किया, ‘सरकार कह रही है कि उपभोक्ता को अतिरिक्त पैसे नहीं देने पड़ेंगे, लेकिन हमारा कहना है कि जब कच्चे तेल की कीमत इतनी ज्यादा गिर गई है तो उपभोक्ता को राहत क्यों नहीं मिल रही है?’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की जाए। इन उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए और उत्पाद शुल्क की दर को 2014 के स्तर पर लाया जाए।’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह सरकार पर दबाव बनाएगी।