शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत के लिए तैयार है मोदी सरकार, रखीं गईं यह शर्त

ravi shankar
शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत के लिए तैयार है मोदी सरकार, रखीं गईं यह शर्त

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी शाहीन बाग के मुद्दे को भुनाने की कोशिश में जुटी है। शाहीन बाग को लेकर दोनों पार्टियां भी एक दूसरे को भी घेर रहे हैं। वहीं, इसी बीच कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पिछले एक महीने से शाहीन बाग में प्रदर्शन चल रहा है।

Modi Government Is Ready To Talk To The People Performing In Shaheen Bagh This Condition Was Laid :

मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह तब होगा जब शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोग बातचीत के लिए तैयार होंगे। कानून मंत्री ने यह बयान एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में दिया है। कार्यक्रम में शाहीन बाग के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने रविशंकर से पूछा कि अबतक सरकार की तरफ से किसी ने बातचीत की कोशिश क्यों नहीं की।

इस पर कानून मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि वे लोग बातचीत को हमेशा तैयार हैं, लेकिन शाहीन बाग के कुछ नेताओं का बयान आता है कि बातचीत तबतक नहीं होगी जबतक सीएए वापस नहीं होगा। लेकिन अगर फिर भी प्रदर्शनकारियों की तरफ से बातचीत की गुजारिश आएगी तो वे जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी ऐसा बोलें कि वहीं बैठकर बातचीत होगी तो यह मुश्किल है।

कार्यक्रम में एक सवाल यह भी पूछा गया कि लोग सीएए का विरोध नहीं कर रहे लेकिन अमित शाह के बयान के बाद चिंता बढ़ गई, जिसमें एनआरसी का जिक्र हुआ। इसपर रविशंकर ने कहा कि उन लोगों को पीएम मोदी का रामलीला का भाषण सुनना चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा था कि एनआरसी पर कैबिनेट में अबतक कोई चर्चा नहीं हुई है।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी शाहीन बाग के मुद्दे को भुनाने की कोशिश में जुटी है। शाहीन बाग को लेकर दोनों पार्टियां भी एक दूसरे को भी घेर रहे हैं। वहीं, इसी बीच कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पिछले एक महीने से शाहीन बाग में प्रदर्शन चल रहा है। मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह तब होगा जब शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोग बातचीत के लिए तैयार होंगे। कानून मंत्री ने यह बयान एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में दिया है। कार्यक्रम में शाहीन बाग के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने रविशंकर से पूछा कि अबतक सरकार की तरफ से किसी ने बातचीत की कोशिश क्यों नहीं की। इस पर कानून मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि वे लोग बातचीत को हमेशा तैयार हैं, लेकिन शाहीन बाग के कुछ नेताओं का बयान आता है कि बातचीत तबतक नहीं होगी जबतक सीएए वापस नहीं होगा। लेकिन अगर फिर भी प्रदर्शनकारियों की तरफ से बातचीत की गुजारिश आएगी तो वे जरूर करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी ऐसा बोलें कि वहीं बैठकर बातचीत होगी तो यह मुश्किल है। कार्यक्रम में एक सवाल यह भी पूछा गया कि लोग सीएए का विरोध नहीं कर रहे लेकिन अमित शाह के बयान के बाद चिंता बढ़ गई, जिसमें एनआरसी का जिक्र हुआ। इसपर रविशंकर ने कहा कि उन लोगों को पीएम मोदी का रामलीला का भाषण सुनना चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा था कि एनआरसी पर कैबिनेट में अबतक कोई चर्चा नहीं हुई है।