मोदी सरकार को विकास के साथ हिन्दुत्व भी बढ़ाना होगा: स्वामी

लखनऊ। देशभर के सियासतदाओं की नजरें 2017 में होने जा रहे यूपी के विधानसभा चुनावों पर टिकीं हैं। यूपी की सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस और बीजेपी जैसे राष्ट्रीय दल अपना पूरा जोर लगा रहे हैं तो सत्ता पर काबिज समाजवादी पार्टी और सबसे मजबूत वोटबैंक वाली बहुजन समाज पार्टी जैसे क्षेत्रीय दल भी कहीं से उन्नीस ​साबित होते नजर नहीं आ रहे हैं। इस बीच यूपी की सियासत का पुराना मुद्दा रहा राम मन्दिर एक बाद फिर सुर्खियों में आता दिख रहा है। राम मन्दिर के शान्त मुद्दे को चुनावी सियासत के केन्द्र में लाने का प्रयास किया है बीजेपी सांसद डा0 सुब्रमण्यन स्वामी ने। स्वामी की माने तो अगर बीजेपी अयोध्या में राम मन्दिर बनवाने में कामयाब हो जाती है तो उसे यूपी में हराने वाला कोई नहीं होगा।

आयोध्या में राम मन्दिर के निर्माण के पुराने समर्थक और हिन्दुत्व चिन्तक के रूप में पहचान रखने वाले स्वामी ने इसके साथ ही मोदी सरकार को भी सलाह दी है। उनके मुताबिक मोदी सरकार देश के विकास के लिए अच्छे प्रयास कर रही है। जिस तरह से विकास के प्रयास किए जा रहे हैं उसी तरह हिन्दुत्व के विकास पर भी सरकार को ध्यान देना पड़ेगा।




इस बीच स्वामी ने यूपी के सबसे ताकतवर सियासी परिवार, यादव परिवार की आपसी कलह पर महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि महाभारत का युद्ध समाप्त कर जब भगवान श्री कृष्ण द्वारका वापस लौटे तो उन्होंने यादवों को आपस में झगड़तें देखा तों भगवान ने कहा कि यादवों को समाप्त कर देना चाहिए। स्वामी ने कहा समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को अब धृतराष्ट और भीष्म पितामह के रूप को छोड़कर बाहर आना चाहिए और यादव परिवार बिखरने से उन्हे बचाना चाहिए। स्वामी ने यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पढालिखा बता कर कहा कि पार्टी उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने और अपने तरीके से फैसला लेना का अधिकार को देना चाहिए। इसके साथ ही शिवपाल यादव को पार्टी के संगठन की जिम्मेंदारी सौप देनी चाहिए।