शत्रु संपत्तियां बेंच कर एक लाख करोड़ जुटाएगी मोदी सरकार

Enemy Properties, शत्रु संपत्तियां
शत्रु संपत्तियां बेंच कर एक लाख करोड़ जुटाएगी मोदी सरकार

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने लंबे समय से स्वामित्व निर्धारण ​को लेकर कानूनी विवाद में फंसी 9400 शत्रु संपत्तियों को बेंचकर राजस्व जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। एक अनुमान के मुताबिक इन तमाम संपत्तियों को बेंच कर सरकार के खजाने में एक लाख करोड़ से ज्यादा की रकम पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

Modi Government Planning To Sell Enemy Properties :

मिली जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार ने इस संपत्तियों का संरक्षण करने वाली संस्था को तीन माह के भीतर चल और अचल संपत्तियों की सू​ची बनाकर सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद संपत्तियों के मूल्यांकन का काम एक स्थानीय समिति से करवाया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे। जिसे अतिरिक्त एक सचिव के नेतृत्व में अंतर मंत्रीस्तरीय निस्तारण समिति का गठन भी किया जाएगा।

केन्द्र सरकार की ओर से केन्द्रीय राज्य गृहमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने संसद को जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने शत्रु संपत्ति (वैधीकरण एवं संशोधन) अधिनियम 2017 और शत्रु संपत्ति (संशोधन) अधिनियम 2018 को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इन संपत्तियों के निस्तारण का कदम उठाया है।

शत्रु संपत्तियों के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जो लोग भारत में अपनी संपत्तियां छोड़कर पाकिस्तान और चीन की नागरिकता लेकर बस गए उनकी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति कहा जाता है। भारत में ऐसी 9,274 ऐसी शत्रु संपत्तियां हैं जिनका संबन्ध पाकिस्तानी नागरिकों से है, जबकि 126 संपत्तियां चीन के नागरिकों से संबन्ध रखतीं हैं।

राज्यवार आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सर्वाधिक 4,991 संपत्तियां उत्तर प्रदेश में हैं। जिसके बाद दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल आता है जहां 2735 और तीसरे स्थान पर दिल्ली है जहां 487 शत्रु संपत्तियां मौजूद हैं। इसके अलावा चीन में बसे लोगों से जुड़ी संपत्तियां पश्चिम बंगाल, मेघालय और असम में मौजूद हैं। मेघालय में 57, पश्चिम बंगाल में 29 और असम में 7 संपत्तियां मौजूद हैं।

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने लंबे समय से स्वामित्व निर्धारण ​को लेकर कानूनी विवाद में फंसी 9400 शत्रु संपत्तियों को बेंचकर राजस्व जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। एक अनुमान के मुताबिक इन तमाम संपत्तियों को बेंच कर सरकार के खजाने में एक लाख करोड़ से ज्यादा की रकम पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।मिली जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार ने इस संपत्तियों का संरक्षण करने वाली संस्था को तीन माह के भीतर चल और अचल संपत्तियों की सू​ची बनाकर सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद संपत्तियों के मूल्यांकन का काम एक स्थानीय समिति से करवाया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे। जिसे अतिरिक्त एक सचिव के नेतृत्व में अंतर मंत्रीस्तरीय निस्तारण समिति का गठन भी किया जाएगा।केन्द्र सरकार की ओर से केन्द्रीय राज्य गृहमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने संसद को जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने शत्रु संपत्ति (वैधीकरण एवं संशोधन) अधिनियम 2017 और शत्रु संपत्ति (संशोधन) अधिनियम 2018 को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इन संपत्तियों के निस्तारण का कदम उठाया है।शत्रु संपत्तियों के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जो लोग भारत में अपनी संपत्तियां छोड़कर पाकिस्तान और चीन की नागरिकता लेकर बस गए उनकी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति कहा जाता है। भारत में ऐसी 9,274 ऐसी शत्रु संपत्तियां हैं जिनका संबन्ध पाकिस्तानी नागरिकों से है, जबकि 126 संपत्तियां चीन के नागरिकों से संबन्ध रखतीं हैं।राज्यवार आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सर्वाधिक 4,991 संपत्तियां उत्तर प्रदेश में हैं। जिसके बाद दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल आता है जहां 2735 और तीसरे स्थान पर दिल्ली है जहां 487 शत्रु संपत्तियां मौजूद हैं। इसके अलावा चीन में बसे लोगों से जुड़ी संपत्तियां पश्चिम बंगाल, मेघालय और असम में मौजूद हैं। मेघालय में 57, पश्चिम बंगाल में 29 और असम में 7 संपत्तियां मौजूद हैं।