झूठ के सहारे नोटबंदी को सफल साबित किया जा रहा: यशवंत सिन्हा

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झूठ के सहारे नोटबंदी को सफल साबित किया जा रहा: यशवंत सिन्हा

पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और देश के भूतपूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी की सालगिरह के एक साल पूरा होने के दो दिन बाद बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे सिन्हा ने कहा कि नोटबंदी पूरी तरह से विफल रही है। अब सरकार इसे सफल साबित करने पर तुली हुई है, जिसके लिए झूठ का सहारा लिया जा रहा है।

Modi Government Presenting False Achievement To Cover Up Demonetization Failure Says Yashwant Sinha :

उन्होंने कहा कि नोटबंदी असफल रही क्योंकि इसका उद्देश्य पूरा नहीं हुआ। कोई कालाधन सामने नहीं आया। 99 फीसदी मुद्रा बैंकों में वापस लौट चुकी है। सरकार योजना धरी की धरी रह गई। लेकिन, हमेशा की तरह केंद्र सरकार इसे सफल साबित करने के लिए झूठ का सहारा ले रही है।

इसके आगे उन्होंने अमित शाह के बेटे जय शाह के कारोबार पर उठे सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर नहीं है। इसीलिए जय शाह के खिलाफ जांच के आदेश नहीं किए गए।

सिन्हा के ये विचार जदयू के बागी नेता उदय नारायण चौधरी द्वारा आयोजित एक समारोह में सामने आए हैं। चौधरी ने जदयू और भाजपा के बीच हुए गठबंधन के बाद बागी होकर शरद यादव के साथ जाने का फैसला लिया था।

पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और देश के भूतपूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी की सालगिरह के एक साल पूरा होने के दो दिन बाद बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे सिन्हा ने कहा कि नोटबंदी पूरी तरह से विफल रही है। अब सरकार इसे सफल साबित करने पर तुली हुई है, जिसके लिए झूठ का सहारा लिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि नोटबंदी असफल रही क्योंकि इसका उद्देश्य पूरा नहीं हुआ। कोई कालाधन सामने नहीं आया। 99 फीसदी मुद्रा बैंकों में वापस लौट चुकी है। सरकार योजना धरी की धरी रह गई। लेकिन, हमेशा की तरह केंद्र सरकार इसे सफल साबित करने के लिए झूठ का सहारा ले रही है।इसके आगे उन्होंने अमित शाह के बेटे जय शाह के कारोबार पर उठे सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर नहीं है। इसीलिए जय शाह के खिलाफ जांच के आदेश नहीं किए गए।सिन्हा के ये विचार जदयू के बागी नेता उदय नारायण चौधरी द्वारा आयोजित एक समारोह में सामने आए हैं। चौधरी ने जदयू और भाजपा के बीच हुए गठबंधन के बाद बागी होकर शरद यादव के साथ जाने का फैसला लिया था।