हवाला और कालाधन कारोबारियों पर मोदी सरकार की बड़ी कार्रवाई

हवाला और कालाधन कारोबारियों पर मोदी सरकार की बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली। कंपनियों की आड़ में हवाला और कालेधन को सफेद करने वालों पर लगाम कसने की नियत के साथ केन्द्र सरकार ने 2,09,032 कंपनियों के रजिस्ट्रेशन को निलंबित कर दिया है। केन्द्र सरकार की ओर से इंडियन बैंक एसोसिएशन को इन कंपनियों के बैंक खातों को सीज करने के निर्देश देते हुए कंपनी के आॅथराइज्ड सिग्नेचरीज को भी निलंबित कर दिया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक केन्द्र सरकार ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि कुछ तीन लाख कंपनियों की कार्यप्रणाली संदिग्ध है। इन कंपनियों ने कहीं न कहीं कंपनी लॉ की अनदेखी की है। पहले चरण में सरकार ने 37,000 कंपनियों के रजिस्ट्रेशन को निलंबित किया था। लेकिन मंगलवार को केन्द्र सरकार के इशारे पर की गई एक बड़ी कार्रवाई के तहत कंपनी र​​जिस्ट्रार ने कंपनी एक्ट की धारा 248(5) का हवाला देते हुए 2,09,032 कंपनियों के रजिस्ट्रेशन को रद्द करते हुए कंपनी के डायरेक्टर्स को भी निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही इन कंपनियों के तमाम डायरेक्टरों के अधिकार शून्य माने जाएंगे।

{ यह भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने साढ़े तीन साल में सिर्फ विज्ञापन पर खर्चे 3755 करोड़ }

केन्द्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से की गई इस कार्रवाई को शैल कंपनियों के जरिए कालेधन को सफेद करने और हवाला करोबार को अंजाम देने वालों को दबोचने के रूप में की जा रही है। अब सरकार इन कंपनियों की पूरी छानबीन करवाएगी और जो तह तक जाकर इन कंपनियों के माध्यम से होने वाले कारोबार और कंपनी को चलाने वालों की पूरी असलियत का पता लगाएगी।

बताया जा रहा है कि इन कंपनियों का रजिस्टेशन तभी बहाल किया जाएगा जब ये कंपनियां कानूनी रूप से अपने अस्तित्व को साबित कर सकेंगी। जिसके लिए कंपनी के निदेशकों को अपने कारोबार को कानूनी रूप से साबित करना पड़ेगा। इसके बाद ही इन कंपनियों के बैंक खातों से वित्तीय लेनदेन को हरी झंड़ी दी जाएगी। वित्त मंत्रालय की ओर से बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिन कंपनियों का रजिस्ट्रेशन निलंबित होगा उनके बैंक खातों के बहाल होने के बाद बैंक को एकबार अपने स्तर पर कंपनी के स्टेटस को क्रास चैक करना पड़ेगा।

{ यह भी पढ़ें:- GST के बाद GDP में उछाल, 0.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज }

Loading...