मोदी सरकार ने रेल यात्रियों को दिया तोहफा, इन ट्रेनों का घट सकता है किराया

मोदी सरकार ,रेल किराया
मोदी सरकार ने रेल यात्रियों को दिया तोहफा, इन ट्रेनों का घट सकता है किराया

नई दिल्ली। अगर आप भी करते हैं ट्रेन से यात्रा तो आपके लिए काम की है यह खबर। मोदी सरकार जल्द ही कुछ रूटों पर चलने वाली शताब्दी ट्रेनों के किराये में कमी ला सकती है। इसके पीछे रेलवे का लक्ष्य संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करना है। बता दें कि इस योजना के लिए 25 ट्रेनों का चयन किया गया है। इस योजना के लिए एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे इससे जुड़े प्रस्ताव पर सक्रियता से काम कर रहा है। पिछले साल दो रूटों पर इस योजना को प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था। उसकी सफलता से इस पहल को काफी बल मिला है।

Modi Government Will Reduce The Shatabdi Train Ticket Price :

मिली जानकारी के मुताबिक प्रायोगिक तौर पर जिन दो रूटों पर इस योजना को लागू किया गया है, उनमें से एक की आय में 17 फीसदी का इजाफा हुआ है और 63 फीसदी अधिक यात्रियों ने बुकिंग कराई है। इन रूट पर शताब्दी‍ में सीटें भर नहीं पाती थी। अधिकारी ने बताया कि इस स्कीम का नजीता सकारात्मतक रहा। हमने इन रूट पर किराया बसों के किराये के बराबर कर दिया।

इस कदम पर ऐसे समय में विचार किया जा रहा है जब ‘फ्लेक्सी फेयर’ की योजना को लेकर रेलवे आलोचना का सामना कर रहा है। इसको लेकर लोगों में यह धारण बनी है कि इससे शताब्दी, राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों के किरायों में वृद्धि हुई है। रेलवे 45 शताब्दी ट्रेनों का परिचालन करती है और ये देश की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेनों में से एक है।

नई दिल्ली। अगर आप भी करते हैं ट्रेन से यात्रा तो आपके लिए काम की है यह खबर। मोदी सरकार जल्द ही कुछ रूटों पर चलने वाली शताब्दी ट्रेनों के किराये में कमी ला सकती है। इसके पीछे रेलवे का लक्ष्य संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करना है। बता दें कि इस योजना के लिए 25 ट्रेनों का चयन किया गया है। इस योजना के लिए एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे इससे जुड़े प्रस्ताव पर सक्रियता से काम कर रहा है। पिछले साल दो रूटों पर इस योजना को प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था। उसकी सफलता से इस पहल को काफी बल मिला है।मिली जानकारी के मुताबिक प्रायोगिक तौर पर जिन दो रूटों पर इस योजना को लागू किया गया है, उनमें से एक की आय में 17 फीसदी का इजाफा हुआ है और 63 फीसदी अधिक यात्रियों ने बुकिंग कराई है। इन रूट पर शताब्दी‍ में सीटें भर नहीं पाती थी। अधिकारी ने बताया कि इस स्कीम का नजीता सकारात्मतक रहा। हमने इन रूट पर किराया बसों के किराये के बराबर कर दिया।इस कदम पर ऐसे समय में विचार किया जा रहा है जब ‘फ्लेक्सी फेयर’ की योजना को लेकर रेलवे आलोचना का सामना कर रहा है। इसको लेकर लोगों में यह धारण बनी है कि इससे शताब्दी, राजधानी और दुरंतो जैसी ट्रेनों के किरायों में वृद्धि हुई है। रेलवे 45 शताब्दी ट्रेनों का परिचालन करती है और ये देश की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेनों में से एक है।