मोदी सरकार की तीन तलाक पर हुई जीत, तीन तलाक बिल पास

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नई दिल्ली। गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक पर बिल पास कर दिया गया। सभी संसोधनों को खारिज करते हुए बिल को पास किया गया। बिल में अब तक 20 संशोधन की मांग की गई थी लेकिन उन्हे खारिज कर दिया गया। हाल ही में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के दूसरे संशोधन की मांग को वोटिंग के दौरान खारिज कर दिया गया। संशोधन के खिलाफ 241 वोट किए गए जबकि इसके पक्ष में केवल 2 ही वोट आए।

Modi Governments Victory Over Three Divorces Passes Three Divorce Bills :

हालांकि विपक्ष ने हर संभव कोशिश की कि बिल पास न हो लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। कांग्रेस ने भी बिल पास किए जाने का सपोर्ट किया हालांकि इसमें संसोधन की बात जरूर कही। सरकार की तरफ से जहां केंद्रीय कानून मंत्री ने बिल पेश करने के बाद मोर्चा संभाला वहीं विपक्ष की ओर से असदुद्दीन ओवैसी बिल के कई प्रावधानों का विरोध करते दिखाई दिए। उन्होंने इसे मुस्लिमों को जेल भेजने की साजिश बताया तो रविशंकर ने इस बिल को राजनीतिक चश्मे से न देखने की अपील की।

इस दौरान ओवैसी ने बिल पर तीन संशोधन प्रस्ताव भी रखे। उन्हीं के साथ बीजू जनता दल के सांसद भ्रातृहरि महताब और कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव का संशोधन प्रस्ताव भी वोटिंग में एकतरफा खारिज हो गए। इसके बाद बिल के पक्ष में हुई वोटिंग में यह आसानी से पास हो गया, इसकी घोषणा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार तक के लिए लोकसभा स्‍थगित कर दी। वहीं लोकसभा से बिल पास होते ही देशभर में इसको लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।

नई दिल्ली। गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक पर बिल पास कर दिया गया। सभी संसोधनों को खारिज करते हुए बिल को पास किया गया। बिल में अब तक 20 संशोधन की मांग की गई थी लेकिन उन्हे खारिज कर दिया गया। हाल ही में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के दूसरे संशोधन की मांग को वोटिंग के दौरान खारिज कर दिया गया। संशोधन के खिलाफ 241 वोट किए गए जबकि इसके पक्ष में केवल 2 ही वोट आए।हालांकि विपक्ष ने हर संभव कोशिश की कि बिल पास न हो लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। कांग्रेस ने भी बिल पास किए जाने का सपोर्ट किया हालांकि इसमें संसोधन की बात जरूर कही। सरकार की तरफ से जहां केंद्रीय कानून मंत्री ने बिल पेश करने के बाद मोर्चा संभाला वहीं विपक्ष की ओर से असदुद्दीन ओवैसी बिल के कई प्रावधानों का विरोध करते दिखाई दिए। उन्होंने इसे मुस्लिमों को जेल भेजने की साजिश बताया तो रविशंकर ने इस बिल को राजनीतिक चश्मे से न देखने की अपील की।इस दौरान ओवैसी ने बिल पर तीन संशोधन प्रस्ताव भी रखे। उन्हीं के साथ बीजू जनता दल के सांसद भ्रातृहरि महताब और कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव का संशोधन प्रस्ताव भी वोटिंग में एकतरफा खारिज हो गए। इसके बाद बिल के पक्ष में हुई वोटिंग में यह आसानी से पास हो गया, इसकी घोषणा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार तक के लिए लोकसभा स्‍थगित कर दी। वहीं लोकसभा से बिल पास होते ही देशभर में इसको लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।