कैशलेस बन जीतो सरकारी इनाम

नई दिल्ली। नोटबंदी का फैसला लेने के बाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार देश की जनता से कैशलेस लेनदेन करने की अपील करते आ रहे हैं। तमाम तरह के प्रचार और अपीलों के बावजूद कैशलेस लेनदेनों की तादात में बढ़ोत्तरी तो हुई है लेकिन वह न के बराबर ही ​कही जा सकती है। छोटे शहरों से लेकर गांवों और कस्बों में लोग कैशलेस लेनदेन करने के लिए प्रोत्साहित हों इसके लिए सरकार ने एक प्रोत्साहन योजना शुरू की है। जिसके तहत डिजिटल ट्रांजेक्शन करने वालों को लकी ड्रा के तहत ईनाम मिलेगा। इस योजना को डिजीधन का नाम दिया गया है। जिसके लिए 125 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है।




डिजीधन योजना की घोषणा करते हुए नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने बताया कि 8 नवंबर 2016 से 13 अप्रैल 2016 तक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किए गए लेनदेनों को इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा। डिजीधन योजना के तहत ट्रांजिक्शन आईडी के आधार पर लकी ड्रॉ निकाला जाएगा। ये लकी ड्रॉ दैनिक, साप्ताहिक, मासिक और तिमाही के आधार पर घोषित किए जाएंगे। कैशलेस ट्रांजिक्सन के तहत चुने जाने वाले नागरिकों को एक करोड़, पचास लाख और पच्चीस लाख के नकद पुरस्कार दिये जाएंगे।

डिजीधन योजना के तहत कैशलेस व्यवस्था से जुड़ने वाले व्यापारियों को भी शामिल किया गया है। कैशलेस भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों को हर सप्ताह सात हजार पुरस्कार दिये जाएंगे। अधिकतम इनाम 50 हजार रुपये नकद का होगा। आम ग्राहकों के लिए साप्ताहिक पुरस्कार दिए जायेंगे जिसमें एक लाख, दस हजार और पांच हजार रुपये के नकद इनाम होंगे।




देश में खुदरा बाजार में कैशलेस भुगतानों को बढ़ावा देने के लिए बनाये गये नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया(एनपीसीआई) ने भी कई लकी ड्रॉ योजनाओं का ऐलान किया है। छोटे से लेकर बड़े भुगतान को डिजिटल तौर पर करने के लिए UPI जैसे एप्स को जनता तक पहुंचाने की मुहिम में लगे एनपीसीआई ने कहा कि क्रिसमस से अगले सौ दिनों तक रोजाना 1000 हजार लकी विजेताओं को 1 हज़ार रुपये का नकद इनाम मिलेगा।

इन लकी ड्रॉ के जरिए डिजिटल लेन देन करने वाले गरीब और मध्य वर्ग के ग्राहकों के साथ साथ छोटे कारोबारियों प्रोत्साहित करने की योजना तैयार की गई है। उम्मीद की जा रही है नोटबंदी की मार झेल रहा आम आदमी इस ईनामी ड्रा के चलते तेजी से डिजिटल और कैशलेस लेनदेन के माध्यमों को अपनाने की कोशिश करेंगे।

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