मोदी के मंत्री बोले- जिसे वंदे मातरम स्वीकार न हो, वो देश छोड़कर चले जाए

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मोदी के मंत्री बोले- जिसे वंदे मातरम स्वीकार न हो, वो देश छोड़कर चले जाए

नई दिल्ली। केंद्रीय लघु और मध्यम उद्योग और पशुपालन राज्य मंत्री प्रताप सारंगी ने गुजरात के सूरत में एक ऐसा बयान दिया है जिस पर हंगामा हो सकता है। शनिवार को केंद्रीय मंत्री गुजरात के सूरत पहुंचे कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रताप सारंगी ने कहा कि जिन्हें वंदे मातरम बोलना स्वीकार नहीं, उन्हें देश  में रहने का अधिकार नहीं है।

Modis Minister Said If Vande Mataram Is Not Accepted He Should Leave The Country :

सारंगी ने कहा कि देश भर में आग भड़काने वाले देशभक्त नहीं हैं। जो लोग भारत की स्वतंत्रता, एकता, वंदे मातरम को स्वीकार नहीं करते, उन्हें इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को नागरिकता कानून लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार मानना चाहिए।

मंत्री ने कहा कि नागरिकता कानून की वजह से अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले ऐसे हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाइयों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी।  

सीएए कांग्रेस के पाप का प्रायश्चित: सारंगी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीएए लाना कांग्रेस द्वारा किए गए विभाजन के पाप का प्रायश्चित करने का एक तरीका था। उन्होंने कहा, “सीएए को 70 साल पहले ही लाया जाना चाहिए था। दरअसल, यह कानून हमारे पूर्वजों द्वारा किए गए पाप का प्रायश्चित करने का एक तरीका है। कांग्रेस ने पाप किया और हम प्रायश्चित कर रहे हैं।”

सितंबर में इसी तरह का बयान दिया था

सितंबर में भी सारंगी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के विरोध पर इसी तरह की टिप्पणी की थी। ओडिशा की एक सभा में सारंगी ने कहा था- जब भाजपा के विरोधी दलों ने भी अनुच्छेद 370 खत्म करने के फैसले का समर्थन किया, तो कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई। अमित शाह ने कांग्रेस को स्पष्ट कह दिया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) भी भारत का हिस्सा है। जो वंदे मातरम नहीं मानते, उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

नई दिल्ली। केंद्रीय लघु और मध्यम उद्योग और पशुपालन राज्य मंत्री प्रताप सारंगी ने गुजरात के सूरत में एक ऐसा बयान दिया है जिस पर हंगामा हो सकता है। शनिवार को केंद्रीय मंत्री गुजरात के सूरत पहुंचे कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री प्रताप सारंगी ने कहा कि जिन्हें वंदे मातरम बोलना स्वीकार नहीं, उन्हें देश  में रहने का अधिकार नहीं है। सारंगी ने कहा कि देश भर में आग भड़काने वाले देशभक्त नहीं हैं। जो लोग भारत की स्वतंत्रता, एकता, वंदे मातरम को स्वीकार नहीं करते, उन्हें इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को नागरिकता कानून लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार मानना चाहिए। मंत्री ने कहा कि नागरिकता कानून की वजह से अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले ऐसे हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाइयों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी।   सीएए कांग्रेस के पाप का प्रायश्चित: सारंगी केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीएए लाना कांग्रेस द्वारा किए गए विभाजन के पाप का प्रायश्चित करने का एक तरीका था। उन्होंने कहा, “सीएए को 70 साल पहले ही लाया जाना चाहिए था। दरअसल, यह कानून हमारे पूर्वजों द्वारा किए गए पाप का प्रायश्चित करने का एक तरीका है। कांग्रेस ने पाप किया और हम प्रायश्चित कर रहे हैं।” सितंबर में इसी तरह का बयान दिया था सितंबर में भी सारंगी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के विरोध पर इसी तरह की टिप्पणी की थी। ओडिशा की एक सभा में सारंगी ने कहा था- जब भाजपा के विरोधी दलों ने भी अनुच्छेद 370 खत्म करने के फैसले का समर्थन किया, तो कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई। अमित शाह ने कांग्रेस को स्पष्ट कह दिया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) भी भारत का हिस्सा है। जो वंदे मातरम नहीं मानते, उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है।