मोदीराज में दागी मंत्री व नेताओं की खैर नहीं, जेल जाने को हो जाएं तैयार

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नई दिल्ली। जुर्म की दुनिया के साथ साथ राजनीति में अपने नाम का परचम लहराने वालों नेताओं को जेल में डालने की तैयारी केंद्र सरकार ने कर ली है। दागी सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों को जल्द निपटाने के लिए विशेष अदालतों का गठन होगा। केंद्र सरकार ने इन मामलों को निपटाने के लिए एक साल तक 12 स्पेशल कोर्ट चलाने पर सहमति जताई है। इन स्पेशल कोर्ट में करीब 1571 आपराधिक केसों पर सुनवाई होगी। ये केस 2014 तक सभी नेताओं के द्वारा दायर हलफनामे के आधार पर हैं।

खबर है कि केंद्र की मोदी सरकार देशभर में 12 स्पेशल अदालतों को शुरू करने जा रही है, जिसमें सिर्फ दागी नेताओं के केस चलेंगे। खबरों की माने तो इस पर सरकार की सहमति बन चुकी है। मोदी सरकार का ये कदम भ्रष्टाचार मुक्त देश और भ्रष्टाचार मुक्त राजनीतिक की दिशा में एक अहम कदम होगा। इन अदालतों का काम ही यही होगा कि नेताओं पर चल रहे आपराधिक मामलों का निपटारा किया जाए।

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आपको बता दें, इस वक्त 1581 सांसद व विधायकों पर करीब 13500 आपराधिक मामले लंबित है। इसके लिए देशभर में करीब एक हजार विशेष अदालतों के गठन की दरकार होगी। वहीं, केंद्र सरकार ने कहा था कि वह आपराधिक मामलों को दोषी ठहराए जाने वाले सांसद व विधायकों पर आजीवन चुनाव लड़ने के प्रतिबंध के खिलाफ है। हालांकि, सरकार के रुख से ठीक उलट चुनाव आयोग ऐसे लोगों पर आजीवन चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाने के पक्ष में है।

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नई दिल्ली। जुर्म की दुनिया के साथ साथ राजनीति में अपने नाम का परचम लहराने वालों नेताओं को जेल में डालने की तैयारी केंद्र सरकार ने कर ली है। दागी सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों को जल्द निपटाने के लिए विशेष अदालतों का गठन होगा। केंद्र सरकार ने इन मामलों को निपटाने के लिए एक साल तक 12 स्पेशल कोर्ट चलाने पर सहमति जताई है। इन स्पेशल कोर्ट में करीब 1571 आपराधिक केसों पर सुनवाई होगी। ये…
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