1. हिन्दी समाचार
  2. मोहम्मद शमी ने किया खुलासा, टूटे घुटने के साथ खेला था 2015 का वर्ल्ड कप

मोहम्मद शमी ने किया खुलासा, टूटे घुटने के साथ खेला था 2015 का वर्ल्ड कप

Mohammad Shami Revealed 2015 World Cup Was Played With A Broken Knee

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की वजह से क्रिकेट टूर्नामेंट्स का आयोजन तो नहीं हो रहा है, लेकिन भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। पूर्व गेंदबाज इरफान पठान के साथ इंस्टाग्राम लाइव में शमी ने कहा कि विश्व कप के दौरान मेरे घुटने में चोट थी। मैं मैचों के बाद चल भी नहीं पाता था। मैंने पूरा टूर्नामेंट चोट के साथ ही खेला। बकौल शमी वह ऐसा फिजियोथेरेपिस्ट नितिन पटेल के भरोसे पर कर पाए।

पढ़ें :- छोटी-छोटी गलतियों को ध्यान दिया जाए तो दुघर्टनाओं पर लगेगी रोक : सीएम योगी

उन्होंने कहा, ‘2015 वर्ल्ड कप के दौरान मेरे घुटने में चोट थी। मैं मैचों के बाद चल भी नहीं पाता था। मैंने पूरा टूर्नमेंट चोट के साथ ही खेला। मैं 2015 का वर्ल्ड कप नितिन पटेल (फिजियोथेरेपिस्ट) के भरोसे खेल पाया।’

उन्होंने इरफान पठान के साथ इंस्टाग्राम लाइव में बुधवार को कहा, ‘पहले ही मैच में मेरा घुटना टूट गया था। मेरी जांघें और घुटना एक ही साइज का हो गया था। डॉक्टर रोजाना उसमें से पानी निकालते थे। मैं तीन-तीन पेनकिलर खाकर खेलता था।’

उस विश्व कप में शमी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने उस टूर्नमेंट के 7 मैचों में 17 विकेट लिए थे। वह सिर्फ उमेश यादव से पीछे थे जिन्होंने 18 विकेट हासिल किए थे।

29 वर्षीय इस पेसर ने इसका श्रेय पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भी दिया जिन्होंने पूरे टूर्नमेंट में दर्द के बावजूद उन्हें खेलते रहने की प्रेरणा दी। खास तौर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए सेमीफाइनल मुकाबले में। भारत को उस मैच में हार का सामना करना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता था।

पढ़ें :- कांग्रेस नए साल के कैलेंडर के जरिए पहुंचेगी घर-घर, प्रियंका गांधी की लगी हैं तस्वीरें

भारतीय टीम उस मैच में 329 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 223 रनों पर ऑल आउट हो गई थी।

शमी ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से पहले, मैंने टीम से कहा कि मैं और दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकता। माही भाई और टीम प्रबंधन ने मुझमें पूरा भरोसा जताया। उन्होंने मेरी क्षमताओं पर यकीन रखा।’

उन्होंने कहा, ‘मैंने मैच खेला और अपने पहले स्पैल में सिर्फ 13 रन दिए। तब मैंने माही भाई से कहा कि मैं और गेंदबाजी नहीं कर सकता हूं। तब उन्होंने कहा कि वह पार्ट टाइम बोलर्स से गेंदबाजी नहीं करवा सकते। उन्होंने कहा कि तुम 60 रन से ज्यादा मत देना। मैं इससे पहल ऐसे हालात का सामना नहीं किया था। कुछ लोगों ने कहा कि मेरा करियर खत्म हो गया है लेकिन मैं अब भी खेल रहा हूं।’  

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...