सरकार के कदम डगमगाते दिखे तो संघ उन्हें सकारात्मक सलाह देगा: मोहन भागवत

mohan bhagwat
सरकार के कदम डगमगाते दिखे तो संघ उन्हें सकारात्मक सलाह देगा: मोहन भागवत

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत कानपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग में उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होने कहा कि सरकार के कदम डगमगाते दिखेंगे तो संघ की ओर से उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण से सलाह व सुझाव दिए जाएंगे।

Mohan Bhagwat Said Government Had Many Rights In Democracy :

सुबह करीब साढ़े पांच उन्होंने संघ की शाखा में प्रतिभाग किया। इसके बाद करीब 11.15 बजे से उन्होंने संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बौद्धिक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को आदर्शवाद का पाठ पढ़ाया। भागवत ने कहा, “जो लोकतांत्रिक व्यवस्था से चुनकर आते हैं, उनके पास अधिकार बहुत होते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि इन अधिकारों का कहीं गलत उपयोग किया जाए। हां, अगर सरकार के कदम डगमगाते दिखे तो संघ उन्हें सकारात्मक सलाह देगा।”

संघ प्रमुख ने कहा, “अपनों के साथ हमेशा सकारात्मक रुख रखें। अगर किसी बात से कोई निराशा हुई तो उसे साझा करें।” उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा, “मैं संघ का केंद्र नागपुर से दिल्ली बना सकता था, लेकिन ऐसा न करना ज्यादा बेहतर रहा।”

उन्होंने कहा कि संघ के कार्यों का विस्तार होने के साथ स्वयंसेवकों का मान बढ़ा, यह जानकर खुशी हुई है। बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को अपने चार दिन के प्रवास पर कानपुर पहुंचे। वह संघ की ओर से 24 मई से 13 जून तक चलने वाले प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभाग करने पहुंचे हैं।

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत कानपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग में उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होने कहा कि सरकार के कदम डगमगाते दिखेंगे तो संघ की ओर से उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण से सलाह व सुझाव दिए जाएंगे। सुबह करीब साढ़े पांच उन्होंने संघ की शाखा में प्रतिभाग किया। इसके बाद करीब 11.15 बजे से उन्होंने संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बौद्धिक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को आदर्शवाद का पाठ पढ़ाया। भागवत ने कहा, "जो लोकतांत्रिक व्यवस्था से चुनकर आते हैं, उनके पास अधिकार बहुत होते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि इन अधिकारों का कहीं गलत उपयोग किया जाए। हां, अगर सरकार के कदम डगमगाते दिखे तो संघ उन्हें सकारात्मक सलाह देगा।" संघ प्रमुख ने कहा, "अपनों के साथ हमेशा सकारात्मक रुख रखें। अगर किसी बात से कोई निराशा हुई तो उसे साझा करें।" उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा, "मैं संघ का केंद्र नागपुर से दिल्ली बना सकता था, लेकिन ऐसा न करना ज्यादा बेहतर रहा।" उन्होंने कहा कि संघ के कार्यों का विस्तार होने के साथ स्वयंसेवकों का मान बढ़ा, यह जानकर खुशी हुई है। बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को अपने चार दिन के प्रवास पर कानपुर पहुंचे। वह संघ की ओर से 24 मई से 13 जून तक चलने वाले प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभाग करने पहुंचे हैं।