मोहन भागवत बोले-राष्ट्रवाद शब्द में हिटलर की झलक, RSS हिंदुत्व के एजेंडे पर बढ़ेगा आगे

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मोहन भागवत बोले-राष्ट्रवाद शब्द में नाज़ी और हिटलर की झलक, RSS हिंदुत्व के एजेंडे पर बढ़ेगा आगे

नई दिल्ली। झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रवाद के मसले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद जैसे शब्द में नाजी और हिटलर की झलक दिखाई पड़ती है। उन्होंने कहा कि आरएसएस का विस्तार देश के लिए है क्योंकि हमारा लक्ष्य भारत को विश्वगुरू बनाना है।

Mohan Bhagwat Said Nazi And Hitlers Glimpse In The Word Nationalism Rss Will Move Ahead On The Agenda Of Hindutva :

मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रवाद जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका मतलब नाजी या हिटलर से निकाला जा सकता है, ऐसे में राष्ट्र या राष्ट्रीय जैसे शब्दों को ही प्रमुखता से इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने इस वक्त आईएसआईएस, कट्टरपंथ और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे बड़ी चुनौती हैं।

मोहन भागवत ने कहा कि आज दुनिया के सामने बड़ी समस्याएं हैं। उनसे सिर्फ भारत ही निजात दिलवा सकता है। ऐसे में हिंदुस्तान को दुनिया का नेतृत्व करने की सोचना चाहिए। देश की एकता ही असली ताकत है, इसका आधार अलग हो सकता है लेकिन मकसद समान ही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदू ही एक ऐसा शब्द है जो भारत को दुनिया के सामने सही तरीके से पेश करता है।

भले ही देश में कई धर्म हों, लेकिन हर व्यक्ति एक शब्द से जुड़ा है जो हिंदू है। ये शब्द ही देश के कल्चर को दुनिया के सामने दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संघ देश में विस्तार के साथ-साथ हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ता रहेगा जो देश को जोड़ने का काम करेगा।

नई दिल्ली। झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रवाद के मसले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद जैसे शब्द में नाजी और हिटलर की झलक दिखाई पड़ती है। उन्होंने कहा कि आरएसएस का विस्तार देश के लिए है क्योंकि हमारा लक्ष्य भारत को विश्वगुरू बनाना है। मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रवाद जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका मतलब नाजी या हिटलर से निकाला जा सकता है, ऐसे में राष्ट्र या राष्ट्रीय जैसे शब्दों को ही प्रमुखता से इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने इस वक्त आईएसआईएस, कट्टरपंथ और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे बड़ी चुनौती हैं। मोहन भागवत ने कहा कि आज दुनिया के सामने बड़ी समस्याएं हैं। उनसे सिर्फ भारत ही निजात दिलवा सकता है। ऐसे में हिंदुस्तान को दुनिया का नेतृत्व करने की सोचना चाहिए। देश की एकता ही असली ताकत है, इसका आधार अलग हो सकता है लेकिन मकसद समान ही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदू ही एक ऐसा शब्द है जो भारत को दुनिया के सामने सही तरीके से पेश करता है। भले ही देश में कई धर्म हों, लेकिन हर व्यक्ति एक शब्द से जुड़ा है जो हिंदू है। ये शब्द ही देश के कल्चर को दुनिया के सामने दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संघ देश में विस्तार के साथ-साथ हिंदुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ता रहेगा जो देश को जोड़ने का काम करेगा।