Mohini Ekadashi 2019: आज है मोहिनी एकादशी, जाने क्या करें और क्या नहीं

Mohini Ekadashi 2019: आज है मोहिनी एकादशी, जाने क्या करें और क्या नहीं
Mohini Ekadashi 2019: आज है मोहिनी एकादशी, जाने क्या करें और क्या नहीं

लखनऊ। आज यानि 15 मई को पूरे देशभर में मोहिनी एकादशी मनाया जा रहा है। मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन को मोहिनी एकादशी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी का अवतार लिया था। वैशाख के शुक्ल पक्ष के 11वें दिन मोहिनी एकादशी मनाई जाती है। आइए जानते हैं मोहिनी एकादशी के दिन हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं….

Mohini Ekadashi 2019 Vrat Rules :

इस दिन करें ये काम

• सूर्योदय से पहले उठना चाहिए।
• पवित्र नदी में नहाएं अगर ऐसा न हो सके तो घर में ही पानी में गंगाजल डालकर नहाएं।
• नहाकर साफ कपड़े पहनने चाहिए। हो सके तो पीले रंग के कपड़े पहनें।
• तुलसी और केले के पेड़ में जल चढ़ाएं।
• इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और हो सके तो मोहिनी एकादशी व्रत की कथा भी करें।
॰ कथा-पूजा करने के बाद भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं।
• घर में पूजा न कर सकें तो मंदिर जाकर भगवान को मिठाई और फल चढाएं और लोगों को प्रसाद बाटें।
• ब्राह्मणों को भोजन भी करवा सकते हैं। इसके बाद दान दक्षिणा दें।
• दिनभर व्रत करें। दिन में एक बार फलाहार कर सकते हैं।

भूल से भी न करें ये कम

• पान न खाएं, इससे रजोगुण और पाप करने की प्रवृत्ति बढती है।
• दूसरों की बुराई न करें इससे आपका मन दूषित होता है।
• किसी भी तरह चोरी न करें।
• हिंसा न करें, इससे मन में विकार पैदा होते हैं
• गुस्सा न करें यानी मन को शांत रखने की कोशिश करें
• झूठ न बोलें
• शारीरिक संबंध न बनाएं
• शेव न बनाएं, नाख़ून और बाल भी न कटवाएं
• मांस और मदिरा से भी दूर रहें
• जुआ न खेलें। इससे लक्ष्मी जी का अपमान होता है।

लखनऊ। आज यानि 15 मई को पूरे देशभर में मोहिनी एकादशी मनाया जा रहा है। मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन को मोहिनी एकादशी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी का अवतार लिया था। वैशाख के शुक्ल पक्ष के 11वें दिन मोहिनी एकादशी मनाई जाती है। आइए जानते हैं मोहिनी एकादशी के दिन हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं.... इस दिन करें ये काम • सूर्योदय से पहले उठना चाहिए। • पवित्र नदी में नहाएं अगर ऐसा न हो सके तो घर में ही पानी में गंगाजल डालकर नहाएं। • नहाकर साफ कपड़े पहनने चाहिए। हो सके तो पीले रंग के कपड़े पहनें। • तुलसी और केले के पेड़ में जल चढ़ाएं। • इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और हो सके तो मोहिनी एकादशी व्रत की कथा भी करें। ॰ कथा-पूजा करने के बाद भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं। • घर में पूजा न कर सकें तो मंदिर जाकर भगवान को मिठाई और फल चढाएं और लोगों को प्रसाद बाटें। • ब्राह्मणों को भोजन भी करवा सकते हैं। इसके बाद दान दक्षिणा दें। • दिनभर व्रत करें। दिन में एक बार फलाहार कर सकते हैं। भूल से भी न करें ये कम • पान न खाएं, इससे रजोगुण और पाप करने की प्रवृत्ति बढती है। • दूसरों की बुराई न करें इससे आपका मन दूषित होता है। • किसी भी तरह चोरी न करें। • हिंसा न करें, इससे मन में विकार पैदा होते हैं • गुस्सा न करें यानी मन को शांत रखने की कोशिश करें • झूठ न बोलें • शारीरिक संबंध न बनाएं • शेव न बनाएं, नाख़ून और बाल भी न कटवाएं • मांस और मदिरा से भी दूर रहें • जुआ न खेलें। इससे लक्ष्मी जी का अपमान होता है।