खनन घोटाला : इन पांच आईएएस अफसरों पर दर्ज हो सकता है मनी लॉड्रिंग का केस

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खनन घोटाला : इन पांच आईएएस अफसरों पर दर्ज हो सकता है मनी लॉड्रिंग का केस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुए खनन घोटाले के आरोपी सभी पांच आईएएस अफसरों पर ईडी बहुत जल्द शिकंजा कसने वाला हे। इसमें शासन के एक उप सचिव के अलावा कुछ अन्य सरकारी कर्मचारियों एवं पट्टेदारों का भी नाम भी है। सूत्रों का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय इन सभी लोगों पर मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज कर सकता है।

Money Laundering Case May Be Filed On These Five Ias Officers In Mining Scandal :

बताया जा रहा है कि ईडी सीबीआई दिल्ली की स्पेशल क्राइम ब्रांच की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर की कॉपी मिलने के बाद अपनी कार्यालयीय औपचारिकता में लगी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत प्रस्तावित यह मुकदमा ईडी के लखनऊ जोन कार्यालय में ही दर्ज किया जाए। बता दें कि सीबीआई की एफआईआर में वर्ष 1985 बैच के आईएएस जीवेश नंदन, वर्ष 2005 बैच के आईएएस संतोष कुमार, वर्ष 2007 बैच के आईएएस अभय, वर्ष 2009 बैच के आईएएस विवेक तथा 2011 बैच के आईएएस डीएस उपाध्याय का नाम शामिल है।

इन लोगों के साथ ही शासन के उप सचिव हरि मोहन झा समेत देवरिया में खनन विभाग में तैनात रहे अधिकारी-कर्मचारी एवं पट्टेदार भी आरोपी बनाए गए हैं। सीबीआई की अब तक की जांच में मनी लांड्रिंग की आशंका पाए जाने पर ईडी अपने स्तर से भी कार्रवाई करने पर विचार करेगा। जिसके तहत कहा जा रहा है कि ईडी अब इन सभी अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी मनी लॉड्रिंग का मुकदमा दर्ज कर सकता है।

बता दें कि फतेहपुर में हुए खनन घोटाले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति भी आरोपित हैं। उनके खिलाफ पहले से ही ईडी की जांच चल रही है। सीबीआई के छापों के आधार पर देखा जाए तो आईएएस अफसर अभय, विवेक और डीएस उपाध्याय पर ईडी का शिकंजा कसने की संभावना सबसे ज्यादा है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हुए खनन घोटाले के आरोपी सभी पांच आईएएस अफसरों पर ईडी बहुत जल्द शिकंजा कसने वाला हे। इसमें शासन के एक उप सचिव के अलावा कुछ अन्य सरकारी कर्मचारियों एवं पट्टेदारों का भी नाम भी है। सूत्रों का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय इन सभी लोगों पर मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज कर सकता है। बताया जा रहा है कि ईडी सीबीआई दिल्ली की स्पेशल क्राइम ब्रांच की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर की कॉपी मिलने के बाद अपनी कार्यालयीय औपचारिकता में लगी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत प्रस्तावित यह मुकदमा ईडी के लखनऊ जोन कार्यालय में ही दर्ज किया जाए। बता दें कि सीबीआई की एफआईआर में वर्ष 1985 बैच के आईएएस जीवेश नंदन, वर्ष 2005 बैच के आईएएस संतोष कुमार, वर्ष 2007 बैच के आईएएस अभय, वर्ष 2009 बैच के आईएएस विवेक तथा 2011 बैच के आईएएस डीएस उपाध्याय का नाम शामिल है। इन लोगों के साथ ही शासन के उप सचिव हरि मोहन झा समेत देवरिया में खनन विभाग में तैनात रहे अधिकारी-कर्मचारी एवं पट्टेदार भी आरोपी बनाए गए हैं। सीबीआई की अब तक की जांच में मनी लांड्रिंग की आशंका पाए जाने पर ईडी अपने स्तर से भी कार्रवाई करने पर विचार करेगा। जिसके तहत कहा जा रहा है कि ईडी अब इन सभी अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी मनी लॉड्रिंग का मुकदमा दर्ज कर सकता है। बता दें कि फतेहपुर में हुए खनन घोटाले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति भी आरोपित हैं। उनके खिलाफ पहले से ही ईडी की जांच चल रही है। सीबीआई के छापों के आधार पर देखा जाए तो आईएएस अफसर अभय, विवेक और डीएस उपाध्याय पर ईडी का शिकंजा कसने की संभावना सबसे ज्यादा है।