संसद में पहले दिन पास हुआ SBI से जुड़ा बिल, 5 बैंकों के विलय को मंजूरी

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संसद में पहले दिन पास हुआ SBI से जुड़ा बिल, 5 बैंकों के विलय को मंजूरी

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) में पांच अन्य बैंकों के विलय को राज्यसभा से मंजूरी मिल गई है । इस विधेयक में एसबीआई के पांच बैंकों को भारतीय स्टेट बैंक में विलय का प्रावधान है। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने पेश किया और इसके बाद इसपर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने विलय के फायदे गिनाते हुए कहा कि इससे लागत को कम कर बैंक की लाभप्रदता बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही एसबीआई ने कुछ बड़े रिकॉर्ड बना लिए हैं। पहला यह कि बैंक का कस्टमर बेस 25 करोड़ से बढ़कर अब 37 करोड़ हो गया है। दूसरा रिकॉर्ड यह कि मर्जर के बाद एसबीआई संपत्ति के मामले में दुनिया के टॉप 50 बैंकों में शामिल हो गया है। एसबीआई में पांच सहायोगी बैंकों के विलय के बाद सरकार की तरफ से कहा गया कि इससे बैंक का लाभ बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।

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बेहतर होंगी सुविधाएं

इस पर वित्त राज्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इन सब्सिडियरी बैंकों के विलय के बाद कोई छंटनी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि विलय के बाद कुछ कर्मचारी रिटायर जरूर हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन पांचों बैंकों के विलय के पीछे यही उद्देश्य है कि इनकी लाभप्रदता बढ़े और इनकी सुविधाएं बेहतर हो सकें। उन्होंने कहा कि इस विलय से इन बैंकों की लागत में कमी आयेगी और संसाधनों के उपयोग को युक्तिसंगत बनाया जा सकेगा।

24 हजार से ज्यादा ब्रांच, 60 हजार ATM

गौरतलब है कि राज्यसभा से भी विधेयक को मंजूरी मिलने से अब SBI में स्टेट बैंक ऑफ़ बीकानेर, स्टेट बैंक ऑफ़ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर और स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद पूरी तरीक़े से शामिल हो जाएंगे। सरकार का तर्क है कि इस विलय से इन बैंकों की लागत में न सिर्फ कमी आयेगी, बल्कि संसाधनों के उपयोग को युक्तिसंगत बनाया जा सकेगा। देश भर में एसबीआई की ब्रांच नेटवर्क 24,000 से ज्यादा हैं। बैंक के एटीएम की संख्या 60 हजार के करीब है।

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नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) में पांच अन्य बैंकों के विलय को राज्यसभा से मंजूरी मिल गई है । इस विधेयक में एसबीआई के पांच बैंकों को भारतीय स्टेट बैंक में विलय का प्रावधान है। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने पेश किया और इसके बाद इसपर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने विलय के फायदे गिनाते हुए कहा कि इससे लागत को कम कर बैंक की लाभप्रदता बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं…
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