अब MST बनाने के नाम पर हुआ करोड़ों का घोटाला, जानिए कहां कितने की हुई हेराफेरी

कानपुर। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के ऑनलाइन मंथली सीजन टिकट (एमएसटी) में लाखों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस मामले में पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर हेराफेरी की गई। वही कानपुर परिक्षेत्र के उन्नाव और फतेहपुर बस अड्डे पर भी हेराफेरी ​की शिकायत मिलने के बाद मुख्यालय ने कानपुर के बस अड्डे पर भी बनने वाली एमएसटी की छानबीन शुरू कर दी है। अधिकारियों के इस फैसले क बाद से हेराफेरी करने वालों में खलबली मची हुई है।

Monthly Season Ticket Scam In Kanpur Investigation Going On :

बता दें कि परिवहन विभाग की विशेष टीम ने प्रदेश में ऑनलाइन एमएसटी बनाने की जांच शुरु की तो सहारनपुर में 97 लाख, बरेली में 95 लाख, उन्नाव में 5 लाख 11 हजार और गुरुवार को फतेहपुर बस अड्डे पर 5 लाख 61 हजार की हेराफेरी पकड़ी गई। बताया जा रहा है कि शहीद मेजर सलमान खान अन्तर्राज्यीय झकरकटी बस अड्डा, रावतपुर बस अड्डा और चुन्नीगंज बस अड्डे पर ट्राइमेक्स कंपनी एमएसटी बनाने का काम करती है। इस कंपनी ने झकरकटी बस अड्डे पर अपना आफिस बना रखा है, लेकिन कई दिनों से वेतन न मिलने की आरोप लगाकर यहां के कर्मचारी हड़ताल पर है।

बता दें कि कानपुर परिक्षेत्र में परिवहन की बसों में सफर करने के लिए करीब तीन हजार लोगों ने एमएसटी बनवा रखी है। बता दें कि परिवहन विभाग एक माह की एमएसटी के लिए पंद्रह दिन का किराया वसूलता है। ऐसे में रोज सफर करने वाले छात्र, कारोबारी व नौकरी पेशा लोग एमएसटी बनवाकर सफर करते है।

बता दें कि परिवहन विभाग में घोटालों पर नजर रखने के लिए सांख्यिकी अधिकारी, एआरएम फाइनेंस, एकाउंटेंट समेत कई अधिकारी वित्तीय मामलों ने पर नजर रखने के लिए तैनात हैं, इसके बावजूद भी इतना बड़ा घोटाला हो गया। अब ऐसे में अधिकारी भी सवालों के घेरे में है। बता दें कि ये हेराफेरी सामने आने के बाद कानपुर समेत प्रदेश के लगभग सभी मुख्यालयों पर अधिकारी नजर रखे हुए है।

मामले की जांच में लगे परिवहन के अधिकारियों की टीम इन बिंदुओ को ध्यान में रखकर जांच करेंगी कि प्रति दिन कितनी और कहां की एमएसटी कितने की है और इसके लिए यात्री से कितना पैसा वसूला गया। साथ ही बस अड्डे के एकाउंटेंट ने कब—कब इसकी जांच की और उस जांच की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी कि नही। इसके साथ ही जिस कंपनी के पास एमएसटी बनाने का ठेका है। उसके कर्मचारियों ने एमएसटी का पैसा ही जमा नहीं किया।

बता दें कि जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि परिक्षेत्र में कुछ अधिकारियों व कर्मियों के इस घोटाले में शामिल होने की जानकारी मिला ही। जिसकी जांच के बाद कुछ लोगों पर कार्रवार्इ् की गई है। यही नही कुछ के खिलाफ एपफआईआर भी दर्ज कराई गई है। तभी कानपुर परिक्षेत्र में हेराफेरी की शिकायते मिलने पर मामले की छानबीन शुरु की गई है।

कानपुर। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के ऑनलाइन मंथली सीजन टिकट (एमएसटी) में लाखों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस मामले में पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर हेराफेरी की गई। वही कानपुर परिक्षेत्र के उन्नाव और फतेहपुर बस अड्डे पर भी हेराफेरी ​की शिकायत मिलने के बाद मुख्यालय ने कानपुर के बस अड्डे पर भी बनने वाली एमएसटी की छानबीन शुरू कर दी है। अधिकारियों के इस फैसले क बाद से हेराफेरी करने वालों में खलबली मची हुई है। बता दें कि परिवहन विभाग की विशेष टीम ने प्रदेश में ऑनलाइन एमएसटी बनाने की जांच शुरु की तो सहारनपुर में 97 लाख, बरेली में 95 लाख, उन्नाव में 5 लाख 11 हजार और गुरुवार को फतेहपुर बस अड्डे पर 5 लाख 61 हजार की हेराफेरी पकड़ी गई। बताया जा रहा है कि शहीद मेजर सलमान खान अन्तर्राज्यीय झकरकटी बस अड्डा, रावतपुर बस अड्डा और चुन्नीगंज बस अड्डे पर ट्राइमेक्स कंपनी एमएसटी बनाने का काम करती है। इस कंपनी ने झकरकटी बस अड्डे पर अपना आफिस बना रखा है, लेकिन कई दिनों से वेतन न मिलने की आरोप लगाकर यहां के कर्मचारी हड़ताल पर है। बता दें कि कानपुर परिक्षेत्र में परिवहन की बसों में सफर करने के लिए करीब तीन हजार लोगों ने एमएसटी बनवा रखी है। बता दें कि परिवहन विभाग एक माह की एमएसटी के लिए पंद्रह दिन का किराया वसूलता है। ऐसे में रोज सफर करने वाले छात्र, कारोबारी व नौकरी पेशा लोग एमएसटी बनवाकर सफर करते है। बता दें कि परिवहन विभाग में घोटालों पर नजर रखने के लिए सांख्यिकी अधिकारी, एआरएम फाइनेंस, एकाउंटेंट समेत कई अधिकारी वित्तीय मामलों ने पर नजर रखने के लिए तैनात हैं, इसके बावजूद भी इतना बड़ा घोटाला हो गया। अब ऐसे में अधिकारी भी सवालों के घेरे में है। बता दें कि ये हेराफेरी सामने आने के बाद कानपुर समेत प्रदेश के लगभग सभी मुख्यालयों पर अधिकारी नजर रखे हुए है। मामले की जांच में लगे परिवहन के अधिकारियों की टीम इन बिंदुओ को ध्यान में रखकर जांच करेंगी कि प्रति दिन कितनी और कहां की एमएसटी कितने की है और इसके लिए यात्री से कितना पैसा वसूला गया। साथ ही बस अड्डे के एकाउंटेंट ने कब—कब इसकी जांच की और उस जांच की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी कि नही। इसके साथ ही जिस कंपनी के पास एमएसटी बनाने का ठेका है। उसके कर्मचारियों ने एमएसटी का पैसा ही जमा नहीं किया। बता दें कि जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि परिक्षेत्र में कुछ अधिकारियों व कर्मियों के इस घोटाले में शामिल होने की जानकारी मिला ही। जिसकी जांच के बाद कुछ लोगों पर कार्रवार्इ् की गई है। यही नही कुछ के खिलाफ एपफआईआर भी दर्ज कराई गई है। तभी कानपुर परिक्षेत्र में हेराफेरी की शिकायते मिलने पर मामले की छानबीन शुरु की गई है।