मोर नहीं करता सेक्स इसलिए है राष्ट्रीय पक्षी, गाय क्यों बने राष्ट्रीय पशु…

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के जज जस्टिस महेश शर्मा ने एक फैसले के दौरान कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु बनाना चाहिए। इस दौरान शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि आखिर ऐसा क्यों किया जाए। गाय में ऐसा क्या खास है, जिस वजह से ऐसा होना चाहिए। इसके पश्चात शर्मा ने राष्ट्रीय पक्षी मोर पर भी तर्क देते हुए कहा कि मोर को राष्ट्रीय पक्षी बनाए जाने के पीछे कारण था। मोर को राष्ट्रीय पक्षी इसलिए बनाया गया क्योकि वह कई मानों में खास है। जस्टिस महेश शर्मा के इस बयान के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।



महेश शर्मा के अनुसार गाय को राष्ट्रीय पशु क्यों बनाया जाए...

{ यह भी पढ़ें:- कोई आपके आधार कार्ड से न कर जाए फ़्राड, जाने कहां कहां हो चुका है इस्तेमाल }

  • मान्यता है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवता रहते हैं। गाय समुद्र मंथन में लक्ष्मी के साथ निकली थी।
  • सिर्फ गाय सांस में ऑक्सीजन लेती है और छोड़ती भी ऑक्सीजन ही है। यह खुद में अस्पताल है। गोबर सालाना 45 सौ लीटर बायोगैस पैदा करता है, हर गोवंश का गोबर लगाएं तो 14 करोड़ पेड़ बचेंगे।
  • गोमूत्र से लिवर, दिल और दिमाग स्वस्थ रहते हैं। गोमूत्र पीने से पाप धुल जाते हैं। दीवारों पर गोबर का लेप रेडिएशन से बचाता है।
  • गाय का दूध पीने से कैंसर नहीं होता। गाय के रंभाने से हवा में मौजूद रोगाणु खत्म होते हैं।





मोर राष्ट्रीय पक्षी क्यों है

  • वह ब्रह्मचारी रहता है। पूरे जीवन मोर सेक्स नहीं करता।
  • इसके आंसुओं से ही मोरनी गर्भवती होती है।
  • मोर पंख भगवान कृष्ण ने इसलिए ही लगाया, क्योंकि वह ब्रह्मचारी है।
  • मंदिरों में भी इसीलिए मोर पंख लगाया जाता है, संत भी इसे रखते हैं।

ठीक इसी तरह गाय के अंदर भी इतने गुण हैं कि उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।

{ यह भी पढ़ें:- वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने छोड़ी प्रैक्टिस, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार }

Loading...