मोर सेक्स करता है या नहीं, जानें इस पर पशु वैज्ञानिकों की राय

नई दिल्ली। मोर सेक्स करता है या नहीं! अभी के समय में यह देश का सबसे चर्चित मुद्दा है। इस मुद्दे को जन्म देने का श्रेया जाता है राजस्थान हाईकोर्ट के जज जस्टिस महेश शर्मा को। जिन्होने बुधवार को मोर को लेकर बयान दिया था जिसमे शर्मा ने कहा था कि मोर आजीवन ब्रह्मचारी होता है, उसके आंसू को चुगकर मोरनी गर्भवती होती है। पशु वैज्ञानिकों की माने तो शर्मा का यह तर्क हास्यप्रद है, गलत है और भ्रामक है।



इस मुद्दे पर पशु चिकित्सा महाविद्यालय महू के प्रोफेसर डॉ. संदीप नानावटी ने कहा कि यह अवैज्ञानिक और असत्य है। बगैर संसर्ग (सेक्स) के मोरनी बच्चों को जन्म नहीं दे सकती। वास्तविकता यह है कि मोर शर्मिला पक्षी है, इसलिए वह एकांत मिलने पर ही सहवास करता है। यही वजह है कि लोगों में यह भ्रांति है कि मोर के आंसू चुगकर मोरनी गर्भवती होती है।



वहीं, देश के ख्यात पक्षी विज्ञानी विक्रम ग्रेवाल ने भी जस्टिस शर्मा के बयान को गलत बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी मोर भी अन्य पक्षियों की तरह मोरनी से सहवास कर प्रजनन करता है। आंसू पीकर गर्भवती होने की बात में कोई सच्चाई नहीं है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार भी नहीं है। ऐसा कहकर हम दुनिया के सामने उपहास का पात्र बनते हैं। लोग आश्चर्य कर रहे हैं कि ऐसी बातें अब भी कही जाती हैं।
गौरतलब है कि जस्टिस शर्मा ने बुधवार को राजस्थान के हिंगोनिया गोशाला को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की सिफारिश की थी। बुधवार को उनके कार्यकाल का अंतिम दिवस था। इसी संदर्भ में उन्होंने मोर का उदाहरण दिया था।