कोरोना से अमेरिका में अब तक 1,00,000 से ज्यादा संक्रमित, 1500 से अधिक लोगों की मौत

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कोरोना से अमेरिका में अब तक 1,00,000 से ज्यादा संक्रमित, 1500 से अधिक लोगों की मौत

नई दिल्ली। अमेरिका में कोरोना वायरस (COVID19) से हाहाकार मचा हुआ है। अब तक कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हैरानी वाली बात है कि अब ये 1,00,000 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। अमेरिका में कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैल रहा है, इसका अनुमान इस आंकड़े से लगाया जा सकता है कि वहां पिछले 24 घंटों में 18,000 नए मामले सामने आए हैं और 345 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, अमेरिका में कोरोना वायरस की गिरफ्त में आकर मरनेवालों का कुल आंकड़ा 15,00 से पार पहुंच गया है।  

More Than 100000 People Have Been Infected By Coronas Havoc In The Us So Far More Than 1500 People Died :

अमेरिका में संक्रमित मामलों पर मृत्यु दर इटली के करीब 10.5 प्रतिशत के मुकाबले करीब 1.5 प्रतिशत है। मृत्यु दर कम हो सकती है क्योंकि बड़े पैमाने पर जांच से पता चला है कि ज्यादातर लोग संक्रमित हैं लेकिन उनमें बीमारी से लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं। हालांकि यह बढ़ भी सकती है अगर और शहरों तथा राज्यों में न्यूयॉर्क जैसी स्थिति सामने आने लगे। न्यूयॉर्क में 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और वहां अस्पताल में बिस्तरों, निजी सुरक्षा उपकरणों और वेंटिलेटरों की भारी कमी है।

वहीं, चीन कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से संबंधित अपना डेटा अमेरिका के साथ साझा करेगा और देश को बीजिंग के अनुभव से सबक लेने में मदद करेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समकक्ष शी चिनफिंग के साथ शुक्रवार को हुई एक घंटे की बातचीत के बाद आज शनिवार को यह बात कही। ट्रंप द्वारा कोरोना वायरस को “चीनी वायरस” कहे जाने और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ द्वारा चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी पर अमेरिकी लोगों के स्वास्थ्य एवं जीवनशैली को “अत्यधिक खतरे” में डालने का आरोप लगाने के बाद से बीजिंग काफी गुस्से में था। लेकिन कई दिनों तक चले इस वाक युद्ध के बाद ट्रंप ने शुक्रवार को फोन पर शी से बात की।

न्यूयॉर्क में चीन के वुहान शहर जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। अमेरिका का यह क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है। अमेरिका के कुल संक्रमित मामलों में से आधे से ज्यादा न्‍यूयॉर्क में ही हैं। बताया जा रहा है कि न्यूयॉर्क के अस्पतालों में अब ऑक्‍सीजन, कैथिटर (नलियां) और दवाइयों की कमी भी सामने आ रही है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के कई डॉक्‍टर्स ने यह आशंका जताई है कि अगर न्यूयॉर्क में हालात ऐसे ही बेकाबू रहे, तो जल्दी ही यहां चीन के वुहान से ज्यादा गंभीर हालत हो सकते हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने देश की ऑटोमोबाइल कंपनियों जनरल मोटर्स और फोर्ड से अब गाड़ियों के निर्माण की बजाए वेंटिलेटर मशीनें तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही ट्रंप ने वेंटिलेटर की कमी से जूझ रहे दुनियाभर के देशों के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। ट्रंप ने कहा है कि अगर किसी देश को वेंटिलेटर की जरूरत है, तो अमेरिका उसे डिलीवर कर सकता है।

नई दिल्ली। अमेरिका में कोरोना वायरस (COVID19) से हाहाकार मचा हुआ है। अब तक कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हैरानी वाली बात है कि अब ये 1,00,000 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। अमेरिका में कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैल रहा है, इसका अनुमान इस आंकड़े से लगाया जा सकता है कि वहां पिछले 24 घंटों में 18,000 नए मामले सामने आए हैं और 345 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, अमेरिका में कोरोना वायरस की गिरफ्त में आकर मरनेवालों का कुल आंकड़ा 15,00 से पार पहुंच गया है।   अमेरिका में संक्रमित मामलों पर मृत्यु दर इटली के करीब 10.5 प्रतिशत के मुकाबले करीब 1.5 प्रतिशत है। मृत्यु दर कम हो सकती है क्योंकि बड़े पैमाने पर जांच से पता चला है कि ज्यादातर लोग संक्रमित हैं लेकिन उनमें बीमारी से लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं। हालांकि यह बढ़ भी सकती है अगर और शहरों तथा राज्यों में न्यूयॉर्क जैसी स्थिति सामने आने लगे। न्यूयॉर्क में 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और वहां अस्पताल में बिस्तरों, निजी सुरक्षा उपकरणों और वेंटिलेटरों की भारी कमी है। वहीं, चीन कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से संबंधित अपना डेटा अमेरिका के साथ साझा करेगा और देश को बीजिंग के अनुभव से सबक लेने में मदद करेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समकक्ष शी चिनफिंग के साथ शुक्रवार को हुई एक घंटे की बातचीत के बाद आज शनिवार को यह बात कही। ट्रंप द्वारा कोरोना वायरस को “चीनी वायरस” कहे जाने और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ द्वारा चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी पर अमेरिकी लोगों के स्वास्थ्य एवं जीवनशैली को “अत्यधिक खतरे” में डालने का आरोप लगाने के बाद से बीजिंग काफी गुस्से में था। लेकिन कई दिनों तक चले इस वाक युद्ध के बाद ट्रंप ने शुक्रवार को फोन पर शी से बात की। न्यूयॉर्क में चीन के वुहान शहर जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। अमेरिका का यह क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित है। अमेरिका के कुल संक्रमित मामलों में से आधे से ज्यादा न्‍यूयॉर्क में ही हैं। बताया जा रहा है कि न्यूयॉर्क के अस्पतालों में अब ऑक्‍सीजन, कैथिटर (नलियां) और दवाइयों की कमी भी सामने आ रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के कई डॉक्‍टर्स ने यह आशंका जताई है कि अगर न्यूयॉर्क में हालात ऐसे ही बेकाबू रहे, तो जल्दी ही यहां चीन के वुहान से ज्यादा गंभीर हालत हो सकते हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने देश की ऑटोमोबाइल कंपनियों जनरल मोटर्स और फोर्ड से अब गाड़ियों के निर्माण की बजाए वेंटिलेटर मशीनें तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही ट्रंप ने वेंटिलेटर की कमी से जूझ रहे दुनियाभर के देशों के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। ट्रंप ने कहा है कि अगर किसी देश को वेंटिलेटर की जरूरत है, तो अमेरिका उसे डिलीवर कर सकता है।