यूपी में डेंगू से हजार से ज्यादा लोगों की मौत!

लखनऊ| बीते 18 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने डेंगू के खतरे से निपटने के लिए समुचित कदम नहीं उठाने, केंद्रीय राशि खर्च नहीं करने और मच्छर जनित बीमारी से मरने वालों के ‘फर्जी’ आंकड़े पेश करने के लिए उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार को फटकार लगाई थी| कोर्ट की सख्ती के बाद सीएमओ ऑफिस ने निजी अस्पतालों से डेंगू मरीजों और मौतों का ब्यौरा जुटाने में तेजी शुरू कर दी है|




ब्यौरा इकठ्ठा होने के बाद सरकारी आंकड़ों में डेंगू से मरने वालों की संख्या 30 से बढ़कर 60 पहुंच गई गई है| शहर में डेंगू से मरने वाले लोगों का डेथ ऑडिट अभी जारी है| बताया जा रहा है कि 25 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई से पहले डेंगू और डेंगू के संदिग्ध मरीजों की मौतों का आंकड़ा 100 के पार पहुंच सकता है| डेथ ऑडिट में ज्यादातर मौतें निजी अस्पतालों में दर्ज की गई हैं|

हालांकि स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी बताते हैं जो आंकड़ा सामने आया है वह डेंगू की आधी अधूरी तस्वीर है| हकीकत यह है कि डेंगू ने प्रदेश में हजारों लोगों की जान ली है| हालात यह है कि इलाज व जांच की सुविधा न होने से लोगों को पता ही नहीं चला कि बीमारी क्या है| जानें जाती गई और ये माना गया कि बुखार से मौत हो गई|



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