नरेश अग्रवाल के ऐसे आपत्तिजनक बयान, जिन्हें भाजपा भूल नहीं सकेगी

नरेश अग्रवाल , आपत्तिजनक बयान
नरेश अग्रवाल के ऐसे आपत्तिजनक बयान, जिन्हें भाजपा भूल नहीं सकेगी

Most Controversial Statements Made By Naresh Agarwal Against Bjp And Their Leaders

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल की नई पहचान भाजपा नेता के रूप होगी। सपा द्वारा राज्यसभा न भेजे जाने से नाराज नरेश अग्रवाल ने सोमवार को भाजपा ज्वाइन कर ली है। अब भाजपा में अग्रवाल का क्या होगा यह आने वाला समय ही बताएगा।

नरेश अग्रवाल के भाजपा में शामिल होते ही उन बयानों की चर्चा तेज हो गई जो उन्होंने भाजपा की विचारधारा, नीतियों और भाजपा नेताओं को लेकर दिए थे।आखिर भाजपा इन बयानों को किस तरह से भुलाएगी और नहीं भूली तो अग्रवाल को पार्टी में निभाएगी कैसे? चलिए हम आपको बताते हैं नरेश अग्रवाल के वे बयान जिन्हें भाषायी मर्यादा तोड़ने के नाम पर सुर्खियां मिलीं।

1— भाजपा में शादी करने का चलन नहीं है। जहां शादी नहीं वहां परिवार की बात कैसे हो सकती है। जो मोदी अपनी पत्नी से अलग रहते हैं वह परिवार का मजा क्या होता है कैसे जान सकते हैं?

नरेश अग्रवाल का यह बयान 2013 में उस समय आया था, जब 2014 के लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार का आगाज कर रहे नरेन्द्र मोदी ने यूपी के झांसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, सूबे की तत्कालीन सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव पर परिवारवाद की राजनीति करने के आरोप लगाते हुए हमला बोला था। नरेश अग्रवाल वह पहले नेता थे जिसने नरेन्द्र मोदी के निजी जीवन को लेकर प्रहार किया था। यह सवाल आज भी भाजपा के नेताओं के रक्तचाप को बढ़ा देता है।

2— ‘अगर उन्होंने (पाकिस्तान) कुलभूषण जाधव को आतंकवादी अपने देश में माना है, तो वो उस हिसाब से जाधव के साथ व्यवहार करेंगे। हमारे देश में भी आतंकवादियों के साथ ऐसा ही व्यवहार करना चाहिए।’

नरेश अग्रवाल ने यह बयान पाकिस्तान में फांसी की सजा पा चुके कुभूषणा जाधव को लेकर दिया था। अग्रवाल का यह बयान उस समय आया था, जब पूरा देश जाधव की फांसी की सजा के विरोध में एकजुट होकर विरोध दर्ज करवा रहा था और भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाधव की सजा के खिलाफ लड़ रही थी।

3— गाय हमारी मां है तो बैल हमारा क्या हुआ, बछड़ा और सांड हमारा क्या हुआ ?

नरेश अग्रवाल का यह बयान सदन में उनके भाषण का हिस्सा था, जो उन्होंने देश में हो रही मॉब​ लिंचिंग की घटनाओं के खिलाफ बोलते समय दिया था। जिसे सत्तारूढ़ भाजपा ने हिन्दुओं की भावनाएं आहत करने वाला करार दिया था। जिसके बाद अग्रवाल ने अपने इस बयान को दोहराते हुए भाजपा के सांसदों की ओर उंगली उठाकर जवाब मांगा था।

नरेश अग्रवाल ने अपने इसी भाषण में हिन्दू संप्रदाय के देवी देवताओं के नामों को भी शराबों को नामों के साथ जोड़ गए थे। जिसे लेकर भाजपा की ओर से सदन में मौजूद अरुण जेटली ने पहली आपत्ति दर्ज करवाते हुए अग्रवाल पर मांफी मांगने का दबाव बनाया था।

4— प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तेली जाति से आते हैं।

लखनऊ में हुए एक वैश्य अधिवेशन के मंच से मुख्य अतिथि के रूप मे बोल रहे नरेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जाति को लेकर बयान दिया था। जिसके लिए उन्हें अधिवेशन में मौजूद साहू समाज के लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था। एक सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री की जाति का जिक्र करने पर अग्रवाल की निंदा की गई थी।

नरेश अग्रवाल के बयानों पर संसद से लेकर सड़क तक हल्ला मचाने वाली भाजपा के उन नेताओं की मानसिकता भी सवालों के घेरे में आती है, जिन्हें कल के दाग आज अच्छे लग रहे हैं। जिस पार्टी के नेता कल अग्रवाल का पुतला फूंक रहे थे वही आज उन्हें फूंलों का गुलदस्ता भेंटकर देने की होड़ में नजर आए। क्या पार्टी बदलने से मानसिकता बदल जाती है, क्या पार्टी बदल लेने से जुबान से निकले हुए शब्द और धार्मिक आस्था पर किए गए प्रहार नगण्य हो जाने चाहिए? ऐसे कई सवाल भाजपा के नेतृत्व के सामने भी सिर उठाने वाले हैं।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल की नई पहचान भाजपा नेता के रूप होगी। सपा द्वारा राज्यसभा न भेजे जाने से नाराज नरेश अग्रवाल ने सोमवार को भाजपा ज्वाइन कर ली है। अब भाजपा में अग्रवाल का क्या होगा यह आने वाला समय ही बताएगा। नरेश अग्रवाल के भाजपा में शामिल होते ही उन बयानों की चर्चा तेज हो गई जो उन्होंने भाजपा की विचारधारा, नीतियों और भाजपा नेताओं को लेकर दिए थे।आखिर भाजपा इन बयानों…