सास अनपढ़ और ससुर दसवीं पास, बहू को पढ़ा लिखाकर बना दिया इतनी बड़ी अफसर

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नई दिल्ली: अब एक चीज तो हम सब लोग देख ही रहे है और काफी समय से देख रहे है कि कही न कही इन्सान को जब मौका मिलता है तो वो उसे भुनाकर के आगे बढ़ जाता है और ऐसा तब होता है जब आपको सपोर्ट करने वाले लोग आपके घर में हो. ऐसा ही कुछ अदिति अग्रवाल के साथ में भी हुआ है जिसकी कहानी अपने आप में एक मिसाल बनकर के रह गयी और लोग तारीफ करते नही थक रहे है. दरअसल अदिति की शादी निशांत अग्रवाल से हुई थी और उनके सास ससुर का नाम मंजू अग्रवाल और राजीव अग्रवाल है.

Mother In Law Illiterate And Father In Laws Tenth Pass Made The Daughter In Law A Great Officer By Reading And Writing :

अदिति की शादी हुई तब तक उन्होंने सिर्फ पढ़ाई ही की थी और शादी के बाद जैसा कि आप जानते है कि ससुराल के लोग बहू पर प्रेशर करने लग जाते है कि वो काम करे, पति की मदद करे वगेरह वगेरह. अदिति को घर तो संभालना पड़ता था लेकिन अदिति के सास ससुर ने भी उसे खूब सपोर्ट किया और जमकर के किया कि वो पढ़े लिखे और बड़ी अफसर बने.

ऐसे सास ससुर की बदौलत ही अदिति अपनी पढ़ाई को जारी रख सकी और सिविल सर्विसेज के एग्जाम की तैयारी भी की जिसमे अदिति ने पूरी 282वी रैंक हासिल कर ली जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. अदिति कहती है कि वो अपनी इस सफलता का क्रेडिट सास ससुर और पति को देना चाहती है जिन्होंने उसकी हर वक्त मदद की और सपोर्ट किया. परिवार के सपोर्ट के बिना इंसान इस उंचाई तक पहुँच जाए ऐसा हो पाना संभव भी नही है

ये बात तो सब लोग जानते भी है और मानते भी है. खैर जो भी है अदिति अग्रवाल जैसी कई कहानियां है जो इस समाज में तैर रही है जहाँ सास ससुर और ससुराल वालो ने वाकई में मेहनत करके अपनी बहुओ को मुकाम दिलवाया है ताकि वो उंचाईया हासिल कर सके और अपने आपको साबित कर सके.

नई दिल्ली: अब एक चीज तो हम सब लोग देख ही रहे है और काफी समय से देख रहे है कि कही न कही इन्सान को जब मौका मिलता है तो वो उसे भुनाकर के आगे बढ़ जाता है और ऐसा तब होता है जब आपको सपोर्ट करने वाले लोग आपके घर में हो. ऐसा ही कुछ अदिति अग्रवाल के साथ में भी हुआ है जिसकी कहानी अपने आप में एक मिसाल बनकर के रह गयी और लोग तारीफ करते नही थक रहे है. दरअसल अदिति की शादी निशांत अग्रवाल से हुई थी और उनके सास ससुर का नाम मंजू अग्रवाल और राजीव अग्रवाल है. अदिति की शादी हुई तब तक उन्होंने सिर्फ पढ़ाई ही की थी और शादी के बाद जैसा कि आप जानते है कि ससुराल के लोग बहू पर प्रेशर करने लग जाते है कि वो काम करे, पति की मदद करे वगेरह वगेरह. अदिति को घर तो संभालना पड़ता था लेकिन अदिति के सास ससुर ने भी उसे खूब सपोर्ट किया और जमकर के किया कि वो पढ़े लिखे और बड़ी अफसर बने. ऐसे सास ससुर की बदौलत ही अदिति अपनी पढ़ाई को जारी रख सकी और सिविल सर्विसेज के एग्जाम की तैयारी भी की जिसमे अदिति ने पूरी 282वी रैंक हासिल कर ली जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. अदिति कहती है कि वो अपनी इस सफलता का क्रेडिट सास ससुर और पति को देना चाहती है जिन्होंने उसकी हर वक्त मदद की और सपोर्ट किया. परिवार के सपोर्ट के बिना इंसान इस उंचाई तक पहुँच जाए ऐसा हो पाना संभव भी नही है ये बात तो सब लोग जानते भी है और मानते भी है. खैर जो भी है अदिति अग्रवाल जैसी कई कहानियां है जो इस समाज में तैर रही है जहाँ सास ससुर और ससुराल वालो ने वाकई में मेहनत करके अपनी बहुओ को मुकाम दिलवाया है ताकि वो उंचाईया हासिल कर सके और अपने आपको साबित कर सके.