मोटिवेजर्स क्लब ने बुजुर्गों संग मनाई ईको फ्रेंडली ‘लोहड़ी’

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मोटिवेजर्स क्लब ने बुजुर्गों संग मनाई ईको फ्रेंडली 'लोहड़ी'

लखनऊ। खीले, गजक, मूंगफली, काले तिल, आग की गर्मी और भांगड़ा अगर साथ में दिखने लगे समझ जाइए लोहड़ी का त्योहार आ चुका है। इस त्योहार को न्यूली मैरिड कपल और बच्चे धूमधाम से अपने घरों में मनाते हैं और पार्टी रखते हैं। इस मौके पर ‘मोटिवेजर्स क्लब(Motivagers Club)’ ने इस दिन को बुजुर्गों के नाम कर उनके लिए स्पेशल इको-फ्रेंडली लोहड़ी का आयोजन किया।

Motivagers Club Lohri :

मोटिवेजर्स क्लब ने अपनी 14वीं श्रंखला का आयोजन गोमतीनगर स्थित ‘बीएफ़एफ़ कैफे’ में किया। जिसकी थीम ‘लो आ गयी लोहड़ी वे’ रखी गयी। कार्यक्रम की शुरूआत आस्था सिंह और प्रीशिता राठी ने की। जिसके बाद क्लब के अन्य सदस्य रमिता, इशिता, वैभव ने खेलो का आयोजन कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।

लोहड़ी पर हुआ कुछ खास

कार्यक्रम का आयोजन इनडोर किया गया और इसके लिए ईकों फ़्रेंड्ली बोन-फायर बनाया। सूखी लकड़ियों को एक तसले मे रख येलो रैपर से ढककर एलईडी बल्ब से आग जैसा दिखाया गया। जहां त्योहारों के मौके पर अक्सर पर्यावरण को अनदेखा कर दिया जाता है, वही इस तरह के आयोजन के पीछे कई वजह रही। पहला तो दिन मे लोहड़ी इस लिए रखी गई क्योकि सभी शाम को अपने परिवार के साथ व्यस्त रहते हैं और बुजुर्गो के साथ समय बिताने का यह अनूठा प्रयास था, साथ ही हैंड मेड बोन फायर से फील लाया गया।

लोहड़ी का महत्त्व

क्लब के मेम्बर के. अरोड़ा और उनकी पत्नी ने पंजाबी अंदाज में लोहड़ी का महत्त्व और लोहड़ी से जुड़ी तमाम जानकारियां साझा की। वहां बैठे सभी लोगों में लोहड़ी का जश्न मनाने की उत्सुकता नज़र आई। क्लब के फाउंडर गौरव छबड़ा ने लोहड़ी के लोकगीतों की कुछ पंक्तियाँ भी सुनाई और सभी का स्वागत किया जिसके बाद क्लब की वालेंटियर इशिता चौहान ने कुछ ऐसे पंजाबी गाने(उड़ जा काले कांवाँ तेर, दिल ए गेंदा) गाए जिसे सुन वहां मौजूद मेंबर्स थिरकने लगे।

भांगड़ा की धुन पर झूमे बुजुर्ग

लोहड़ी का रंग जमा हो और भांगड़ा न हो भला ये कैसे हो सकता है। लोहड़ी के मौके पर मोटिवेजर्स का कार्यक्रम और भी यादगार तब बन गया जब बुजुर्गों ने अपने उम्र के बंधन तोड़ भांगड़ा करने लगे। क्लब में पहली बार आए ऋषि सक्सेना ने अपनी कविता और चुटकुलों से वहाँ बैठे लोगों को ख़ूब हंसाया।

लखनऊ। खीले, गजक, मूंगफली, काले तिल, आग की गर्मी और भांगड़ा अगर साथ में दिखने लगे समझ जाइए लोहड़ी का त्योहार आ चुका है। इस त्योहार को न्यूली मैरिड कपल और बच्चे धूमधाम से अपने घरों में मनाते हैं और पार्टी रखते हैं। इस मौके पर 'मोटिवेजर्स क्लब(Motivagers Club)' ने इस दिन को बुजुर्गों के नाम कर उनके लिए स्पेशल इको-फ्रेंडली लोहड़ी का आयोजन किया। मोटिवेजर्स क्लब ने अपनी 14वीं श्रंखला का आयोजन गोमतीनगर स्थित ‘बीएफ़एफ़ कैफे’ में किया। जिसकी थीम 'लो आ गयी लोहड़ी वे' रखी गयी। कार्यक्रम की शुरूआत आस्था सिंह और प्रीशिता राठी ने की। जिसके बाद क्लब के अन्य सदस्य रमिता, इशिता, वैभव ने खेलो का आयोजन कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।

लोहड़ी पर हुआ कुछ खास

कार्यक्रम का आयोजन इनडोर किया गया और इसके लिए ईकों फ़्रेंड्ली बोन-फायर बनाया। सूखी लकड़ियों को एक तसले मे रख येलो रैपर से ढककर एलईडी बल्ब से आग जैसा दिखाया गया। जहां त्योहारों के मौके पर अक्सर पर्यावरण को अनदेखा कर दिया जाता है, वही इस तरह के आयोजन के पीछे कई वजह रही। पहला तो दिन मे लोहड़ी इस लिए रखी गई क्योकि सभी शाम को अपने परिवार के साथ व्यस्त रहते हैं और बुजुर्गो के साथ समय बिताने का यह अनूठा प्रयास था, साथ ही हैंड मेड बोन फायर से फील लाया गया।

लोहड़ी का महत्त्व

क्लब के मेम्बर के. अरोड़ा और उनकी पत्नी ने पंजाबी अंदाज में लोहड़ी का महत्त्व और लोहड़ी से जुड़ी तमाम जानकारियां साझा की। वहां बैठे सभी लोगों में लोहड़ी का जश्न मनाने की उत्सुकता नज़र आई। क्लब के फाउंडर गौरव छबड़ा ने लोहड़ी के लोकगीतों की कुछ पंक्तियाँ भी सुनाई और सभी का स्वागत किया जिसके बाद क्लब की वालेंटियर इशिता चौहान ने कुछ ऐसे पंजाबी गाने(उड़ जा काले कांवाँ तेर, दिल ए गेंदा) गाए जिसे सुन वहां मौजूद मेंबर्स थिरकने लगे।

भांगड़ा की धुन पर झूमे बुजुर्ग

लोहड़ी का रंग जमा हो और भांगड़ा न हो भला ये कैसे हो सकता है। लोहड़ी के मौके पर मोटिवेजर्स का कार्यक्रम और भी यादगार तब बन गया जब बुजुर्गों ने अपने उम्र के बंधन तोड़ भांगड़ा करने लगे। क्लब में पहली बार आए ऋषि सक्सेना ने अपनी कविता और चुटकुलों से वहाँ बैठे लोगों को ख़ूब हंसाया।