बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाने की पहल, मोटिवेजर्स क्लब का सराहनीय प्रयास

लखनऊ। ‘दिल अभी जंवा है’ और ये हमेशा जंवा ही रहेगा, हमें बुजुर्ग न कहा जाए हम आज भी नौजवान हैं। यह कहना है “मोटिवेजर्स क्लब” में जुड़ें उन सदस्यों का जिनकी उम्र 50 पार है। बता दें, मोटिवेजर्स क्लब एक संगठन है जो ऐसे लोगों के लिए काम करती हैं जिनकी उम्र 50 पार हो गयी है। इस क्लब का उद्देश्य बुजुर्ग लोगों को एक छत के नीचे लाना है जो एक दूसरे के साथ सुख-दुख बांट सके। वैसे भी कहां है किसी उदास चेहरे पर मुस्कान बिखेर पाना इस दुनिया में सबसे पुण्य का काम है।

इस क्लब द्वारा रविवार को लखनऊ स्थित शेरोज हैंगआउट में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें शहर भर से आए बुजुर्गों ने शिरकत की और जमकर कार्यक्रम का लुफ्त उठाया। यहां आए क्लब के मेंबर्स ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि हमारे पास कहने के लिए तो सब है, बेटा है, बेटी है, बहू है, परिवार है लेकिन इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में सब इतना व्यस्त हैं कि हम एक साथ बैठ नहीं पाते। कुछ बुजुर्गों ने अपने बचपन के खेल के बारे में बात करते हुए बताया कि आज की पीढ़ी को क्या पता गुल्ली डंडा क्या होता है, आज के बच्चे फोन व वीडियो गेम में ही लगे रहते हैं। एक हमारा दौर था जब हम एक गिल्ली के पीछे हमारी पूरी मंडली भागा करती थी। इस क्लब से जुड़ने के बाद लोगों ने कहा कि अब हम हमेशा एक परिवार की तरह रहेंगे।

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मोटिवेजर्स क्लब के संयोजक गौरव छाबड़ा ने बताया कि हम आज की भाग दौड़ ज़िंदगी में इतने उलझ चुके हैं कि किसी के पास अपने परिवार के साथ समय स्पेंट करने तक का समय नहीं है। सब अपनी लाइफ में मशगूल हैं इन सब के बीच ऐसे लोग जिन्होंने हमें सब कुछ सिखाया, यहां तक की हाथ पकड़ चलना भी, उनके लिए भी हम वक़्त नहीं निकाल पाते। इन सब विषयों पर मैंने अपनी टीम के लोगों के साथ चर्चा की और हमने इसकी शुरुआत करने की एक छोटी सी कोशिश की।

कार्यक्रम की शुरुआत क्लब की संस्थापक सदस्य आस्था सिंह और प्रिशिता राठी ने अपने अंदाज में गुनगुनाते हुए किया लेकिन बीच बीच में इन्होंने आडियंस को गुदगुदाया भी। इस दौरान क्लब के अन्य सदस्य वैभव प्रताप सिंह,दिवाकर मिस्र, शुभी सिंह और ऋचा शुक्ला आदि मौजूद रहें। कार्यक्रम के वरिष्ठ सदस्यों डीके पाण्डेय, महावीर प्रसाद, प्रेमसागर,डॉ भूबेनद्र सिंह, श्रीमति शालिनी माथुर, श्रीमती अमिता गुप्ता,केदारनाथ शर्मा के साथ कुछ अन्य सदस्यों को गेम जीतने पर पुरस्कृत भी किया गया।

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इवैंट के मुख्य अथिति दूरदर्शन के प्रोग्राम एग्ज़्कुटिव व यश भारती सम्मान से पुरस्कृत पत्रकार आत्म प्रकाश मिश्र ने कहा कि मोटिवेजर्स क्लब के युवा स्वयमसेवकों की यह सोच वास्तव में बहुत अच्छी है और सबसे अलग भी है। उन्होने आगे यह भी कहा कि एक इंटरव्यू के दौरान मशहूर चिकित्सक डॉक्टर नरेश ने उन्हे बताया कि आने वाले समय में भारत की सबसे बड़ी बीमारी दिल, गुर्दा या लीवर से सबंधित नहीं बल्कि सबसे बड़ी बीमारी लोगों का अकेलापन होगा।

कार्यक्रम में पधारे समाजसेवी डॉक्टर प्रमिल दिवेदी ने मोटिवेजर्स क्लब की सफलता की कामना की व क्लब के उद्देशकों को भी सराहा। कार्यक्रम में आशीष के बैंड परफ़ोर्मेंस व तुषार के गीतों ने सभी का मन मोह लिया। इवैंट में सदस्यों ने रिंग-रिंग गेम और गेस द सॉन्ग गेम को खूब एंजॉय किया। वहीं कार्यक्रम में देश दीपक सिंह साहित्य और कला के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

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