MP: सिंधिया के साथ 22 विधायकों का कांग्रेस से इस्तीफा, कमलनाथ सरकार गिरना तय

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MP कांग्रेस ने BJP को बताया दु:शासन, कहा- मोदी जी ये लोकतंत्र का चीरहरण है

भोपाल। मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच ज्योतीरादित्य सिंधिया के बाद कमलनाथ सरकार के 22 विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए हैं। अब कमलनाथ सरकार पर संकट गहरा जाता जा रहा है। बताया जा रहा है कि कल सिंधिया के साथ सभी विधायक भी बीजेपी खेमें में जा सकते हैं। वहीं सिंधिया ने आज बीजेपी नही ज्वाईन की है, बताया जा रहा है कि कल शिवराज सिंह की मौजूदगी में वो बीजेपी ज्वाईन करेगे। यही नही कहा जा रहा है कि बीजेपी उन्हे राज्यसभा में भेज सकती है जबकि कांग्रेस से बागी विधायकों के साथ समर्थन करे एमपी में सरकार बनाने की तेयारी में है।

Mp 22 Mlas Along With Scindia Resign From Congress Kamal Nath Government Set To Fall :

वहीं जेसे ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्तीफा दिया तो कांग्रेस की तरफ से सिंधिया के खिलाफ बयानबाजी शुरू हो गयी। वहीं कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में कमलनाथ सरकार को एक और झटका लगा है। मंगलवार शाम 6 बजे शुरू हुई इस बैठक में कांग्रेस के महज 88 विधायकों ने हिस्सा लिया है। यानी कांग्रेस के चार और विधायक मीटिंग से गायब रहे।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कुल 92 विधायक पहुंचे, जिनमें 4 निर्दलीय थे। बता दें कि कांग्रेस के कुल 114 विधायक थे, जिनमें से 22 ने खुले तौर पर अपने इस्तीफे दे दिए हैं, जबकि अब चार और विधायक मिसिंग हैं। यानी कुल 26 विधायक कांग्रेस से छिटकते नजर आ रहे हैं।

बताया जा रहा है ​कि बीजेपी के पाले में आते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को वो सम्मान भी मिल जाएगा जिसके लिए कांग्रेस में संघर्ष कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी सिंधिया को राज्यसभा में भेज सकती है। इसके अलावा उन्हें मोदी सरकार में मंत्री भी बनाया जाएगा। बता दें कि सिंधिया ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद अपना इस्तीफा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है। हालांकि, मंगलवार शाम ही उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है।

हालांकि अब स्थिति साफ हो गयी है फिर भी बीजेपी के शिवराज हों या कांग्रेस छोड़ने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया, दोनो ने इस मामले को लेकर कोई भी बयानबाजी नही की है। जहां शिवराज ने इसे आं​तरिक मामला बताया तो वहीं सिंधिया ने सिर्फ हैप्पी होली और थैंक्यू कहकर मीडिया कैमरे से खुद को दूर कर लिया।

बताया जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के विधायक भी कांग्रेस से काफी नाराज हैं। ऐसे ही 20 से ज्यादा विधायकों ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं। इन विधायकों के इस्तीफे के साथ ही कमलनाथ सरकार का गिरना लगभग तय माना जा रहा है और बीजेपी एक बार फिर मध्य प्रदेश की सत्ता में वापसी कर सकती है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच ज्योतीरादित्य सिंधिया के बाद कमलनाथ सरकार के 22 विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए हैं। अब कमलनाथ सरकार पर संकट गहरा जाता जा रहा है। बताया जा रहा है कि कल सिंधिया के साथ सभी विधायक भी बीजेपी खेमें में जा सकते हैं। वहीं सिंधिया ने आज बीजेपी नही ज्वाईन की है, बताया जा रहा है कि कल शिवराज सिंह की मौजूदगी में वो बीजेपी ज्वाईन करेगे। यही नही कहा जा रहा है कि बीजेपी उन्हे राज्यसभा में भेज सकती है जबकि कांग्रेस से बागी विधायकों के साथ समर्थन करे एमपी में सरकार बनाने की तेयारी में है। वहीं जेसे ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्तीफा दिया तो कांग्रेस की तरफ से सिंधिया के खिलाफ बयानबाजी शुरू हो गयी। वहीं कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में कमलनाथ सरकार को एक और झटका लगा है। मंगलवार शाम 6 बजे शुरू हुई इस बैठक में कांग्रेस के महज 88 विधायकों ने हिस्सा लिया है। यानी कांग्रेस के चार और विधायक मीटिंग से गायब रहे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कुल 92 विधायक पहुंचे, जिनमें 4 निर्दलीय थे। बता दें कि कांग्रेस के कुल 114 विधायक थे, जिनमें से 22 ने खुले तौर पर अपने इस्तीफे दे दिए हैं, जबकि अब चार और विधायक मिसिंग हैं। यानी कुल 26 विधायक कांग्रेस से छिटकते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है ​कि बीजेपी के पाले में आते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को वो सम्मान भी मिल जाएगा जिसके लिए कांग्रेस में संघर्ष कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी सिंधिया को राज्यसभा में भेज सकती है। इसके अलावा उन्हें मोदी सरकार में मंत्री भी बनाया जाएगा। बता दें कि सिंधिया ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद अपना इस्तीफा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है। हालांकि, मंगलवार शाम ही उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। हालांकि अब स्थिति साफ हो गयी है फिर भी बीजेपी के शिवराज हों या कांग्रेस छोड़ने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया, दोनो ने इस मामले को लेकर कोई भी बयानबाजी नही की है। जहां शिवराज ने इसे आं​तरिक मामला बताया तो वहीं सिंधिया ने सिर्फ हैप्पी होली और थैंक्यू कहकर मीडिया कैमरे से खुद को दूर कर लिया। बताया जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के विधायक भी कांग्रेस से काफी नाराज हैं। ऐसे ही 20 से ज्यादा विधायकों ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं। इन विधायकों के इस्तीफे के साथ ही कमलनाथ सरकार का गिरना लगभग तय माना जा रहा है और बीजेपी एक बार फिर मध्य प्रदेश की सत्ता में वापसी कर सकती है।