एमपी: शिवराज सरकार में शौचालय के नाम पर 540 करोड़ का घोटाला आया सामने

shivraj singh
एमपी: शिवराज सरकार में शौचालय के नाम पर 540 करोड़ का घोटाला आया सामने

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर विपक्ष के नेताओं ने जमकर निशाना साधा है।बता दें कि जब मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार थी तो स़ाढ़े 4 लाख शौचालयों के नाम पर 540 करोड़ रूपए का बिल पास हुआ था। अब दावा किया जा रहा है कि टॉयलेट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने बड़ा घोटाला किया है।

Mp 540 Crore Scam Surfaced In The Name Of Toilets In Shivraj Government :

मध्य प्रदेश में सरकारी रिकॉर्ड और कागजों पर साल 2012 से 2018 के दौरान 4.5 लाख शौचालय का निर्माण दिखाया गया है लेकिन हकीकत में इन टॉयलेट्स का निर्माण कभी हुआ ही नहीं। इन शौचालयों को वास्तव में तो कोई अस्तित्व नहीं है लेकिन कागजों पर यह जरूर मौजूद हैं।

बता दें कि सम्बनिधत विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच की गई तो पाया गया कि 4.5 लाख शौचालय प्रदेश में बने ही नहीं थे। वेरिफिकेशन के लिए जिन शौचालयों की फोटो जमा की गई वह कहीं और के शौचालय थे। जांच अधिकारियों ने जब इन तस्वीरों को जीपीएस से टैग करने की कोशिश की तो यह पूरा मामला उजागर हुआं।

बताया गया कि कई लोगों की पता ही नहीं था कि उनके नाम पर शौचालय का निर्माण हुआ है, वहीं सरकारी रिकॉर्ड में उनके घर पर ना सिर्फ शौचालय का निर्माण हुआ था बल्कि उस शौचालय की तस्वीर भी है।

इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस के जयवर्धन सिंह ने ट्वीट के माध्यम से प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि “शिवराज ने जबरजस्त सफ़ाई कराई है। 540 करोड़ रुपए की लागत के 4.5 लाख टॉयलेट सिर्फ कागजों पर मिले ज़मीन पर उनका कोई नामों निशाना नही, माननीय प्रधानमंत्री जी! इस जबरजस्त सफ़ाई के लिए आप शिवराज सिंह जी को स्वच्छ्ता अभियान का ब्रांड एम्बेसडर भी बना सकते है।”

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर विपक्ष के नेताओं ने जमकर निशाना साधा है।बता दें कि जब मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार थी तो स़ाढ़े 4 लाख शौचालयों के नाम पर 540 करोड़ रूपए का बिल पास हुआ था। अब दावा किया जा रहा है कि टॉयलेट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने बड़ा घोटाला किया है। मध्य प्रदेश में सरकारी रिकॉर्ड और कागजों पर साल 2012 से 2018 के दौरान 4.5 लाख शौचालय का निर्माण दिखाया गया है लेकिन हकीकत में इन टॉयलेट्स का निर्माण कभी हुआ ही नहीं। इन शौचालयों को वास्तव में तो कोई अस्तित्व नहीं है लेकिन कागजों पर यह जरूर मौजूद हैं। बता दें कि सम्बनिधत विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच की गई तो पाया गया कि 4.5 लाख शौचालय प्रदेश में बने ही नहीं थे। वेरिफिकेशन के लिए जिन शौचालयों की फोटो जमा की गई वह कहीं और के शौचालय थे। जांच अधिकारियों ने जब इन तस्वीरों को जीपीएस से टैग करने की कोशिश की तो यह पूरा मामला उजागर हुआं। बताया गया कि कई लोगों की पता ही नहीं था कि उनके नाम पर शौचालय का निर्माण हुआ है, वहीं सरकारी रिकॉर्ड में उनके घर पर ना सिर्फ शौचालय का निर्माण हुआ था बल्कि उस शौचालय की तस्वीर भी है। इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस के जयवर्धन सिंह ने ट्वीट के माध्यम से प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि "शिवराज ने जबरजस्त सफ़ाई कराई है। 540 करोड़ रुपए की लागत के 4.5 लाख टॉयलेट सिर्फ कागजों पर मिले ज़मीन पर उनका कोई नामों निशाना नही, माननीय प्रधानमंत्री जी! इस जबरजस्त सफ़ाई के लिए आप शिवराज सिंह जी को स्वच्छ्ता अभियान का ब्रांड एम्बेसडर भी बना सकते है।"