सांसद और विधायक कोर्ट में बतौर वकील कर सकेंगे प्रैक्टिस: सुप्रीम कोर्ट

supreme court

नई दिल्ली। सांसद और विधायक अब कोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मांग की गई थी कि पेशे से वकील जनप्रतिनिधियों के देशभर की अदालतों में प्रैक्टिस करने पर रोक लगाई जाए। इस मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम जनप्रतिनिधियों के वकीलों के तौर पर प्रैक्टिस करने पर रोक नहीं लगाते हैं।

Mp And Mla Can Practice As A Advocate In Court Says Supreme Court :

बता दें कि शीर्ष अदालत बीजेपी नेता एवं वकील अश्चिनी उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें पेशे से वकील जनप्रतिनिधियों (सांसद, विधायकों और पार्षदों) के कार्यकाल के दौरान अदालत में प्रैक्टिस करने पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

कोर्ट ने उनकी इस याचिका को खारिज करते हुए सभी ऐसे जनप्रतिनिधियों को छूट दे दी है कि वो अपने कार्यकाल के दौरान कोर्ट में प्रैक्टिस कर सकते है।

नई दिल्ली। सांसद और विधायक अब कोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मांग की गई थी कि पेशे से वकील जनप्रतिनिधियों के देशभर की अदालतों में प्रैक्टिस करने पर रोक लगाई जाए। इस मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम जनप्रतिनिधियों के वकीलों के तौर पर प्रैक्टिस करने पर रोक नहीं लगाते हैं। बता दें कि शीर्ष अदालत बीजेपी नेता एवं वकील अश्चिनी उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें पेशे से वकील जनप्रतिनिधियों (सांसद, विधायकों और पार्षदों) के कार्यकाल के दौरान अदालत में प्रैक्टिस करने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने उनकी इस याचिका को खारिज करते हुए सभी ऐसे जनप्रतिनिधियों को छूट दे दी है कि वो अपने कार्यकाल के दौरान कोर्ट में प्रैक्टिस कर सकते है।