एमपी: शिवराज सरकार में हूआ बड़ा घोटाला, स्कूटर से ढोए गये 3,800 करोड़ के पत्थर

shivraj singh
एमपी: शिवराज सरकार में हूआ बड़ा घोटाला, स्कूटर से ढोए गये 3,800 करोड़ के पत्थर

भोपाल। 2009 में मध्य प्रदेश में हुए बुंदेलखंड पैकेज घोटाले की जांच कर रही राज्य आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़े खुलासे किए हैं। 3800 करोड़ रुपये के इस बड़े घोटाले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। EOW की जांच के मुताबिक 5 टन के पत्थर स्कूटर से ढोए गए थे। जांच में बताया ​गया कि इलाके में दो हफ्ते के अंदर 100 से ज्यादा बकरियों की मौत हो गई थी। जांच में पाया गया कि वन विभाग ने मोटरसाइकल, स्कूटर, कार और जीप को कागज पर जेसीबी के रूप में दर्ज किया था।

Mp Big Scam In Shivraj Government Scooters Carried By 3800 Crore Stones :

आपको बता दें कि साल 2009 में केन्द्र में यूपीए सरकार थी, इस दौरान यूपीए सरकार ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड क्षेत्र के 13 जिलों में विकास कार्यों के लिए 7 हजार 266 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इनमें 3 हजार 800 करोड़ रुपये केवल मध्य प्रदेश के लिए दिए गए थे। इस पैकेज के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, बांध, सिंचाई, पेयजल, परिवहन, सड़क, वन का विस्तार सहित कई विकास कार्य होने थे। लेकिन ये सब भष्टाचार की भेंट चढ़ गया। बताया गया कि मेगा करप्शन का यह मामला सामने ही नहीं आता अगर टीकमगढ़ के रहने वाले पवन ग्वारा ने इसे उठाया न होता।

पवन ने योजना में इस्तेमाल वाहनों की संख्या में अनियमितता देखने के बाद इसे उठाया तो तत्कालीन केंद्र सरकार ने घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। सूत्रों की माने तो पन्ना में वन विभाग ने मोटरसाइकल, स्कूटर, कार और जीप को कागज पर जेसीबी के रूप में दर्ज किया था। फिल्हाल बताया जा रहा है कि अभी तो ये खुलासे का सिर्फ नमूना है, आगे चलकर इस मामले में और भी कई चीजें सामने आयेगी।

बता दें कि साल 2014 में हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए इस फंड में अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए थे। प्रशासनिक हलकों में अभी जांच जारी ही थी कि प्रदेश की बीजेपी सरकार विधानसभा चुनाव हार गई और शिवराज सिंह सीएम पद से हट गये। चुनाव में कांग्रेस को पूर्णबहुमत हाशिल हुआ था इसलिए कमलनाथ के नेत्रत्व में कांग्रेस ने सरकार बनाई और सरकार ने बुंदेलखंड पैकेज घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी है।

भोपाल। 2009 में मध्य प्रदेश में हुए बुंदेलखंड पैकेज घोटाले की जांच कर रही राज्य आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़े खुलासे किए हैं। 3800 करोड़ रुपये के इस बड़े घोटाले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। EOW की जांच के मुताबिक 5 टन के पत्थर स्कूटर से ढोए गए थे। जांच में बताया ​गया कि इलाके में दो हफ्ते के अंदर 100 से ज्यादा बकरियों की मौत हो गई थी। जांच में पाया गया कि वन विभाग ने मोटरसाइकल, स्कूटर, कार और जीप को कागज पर जेसीबी के रूप में दर्ज किया था। आपको बता दें कि साल 2009 में केन्द्र में यूपीए सरकार थी, इस दौरान यूपीए सरकार ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड क्षेत्र के 13 जिलों में विकास कार्यों के लिए 7 हजार 266 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इनमें 3 हजार 800 करोड़ रुपये केवल मध्य प्रदेश के लिए दिए गए थे। इस पैकेज के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, बांध, सिंचाई, पेयजल, परिवहन, सड़क, वन का विस्तार सहित कई विकास कार्य होने थे। लेकिन ये सब भष्टाचार की भेंट चढ़ गया। बताया गया कि मेगा करप्शन का यह मामला सामने ही नहीं आता अगर टीकमगढ़ के रहने वाले पवन ग्वारा ने इसे उठाया न होता। पवन ने योजना में इस्तेमाल वाहनों की संख्या में अनियमितता देखने के बाद इसे उठाया तो तत्कालीन केंद्र सरकार ने घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। सूत्रों की माने तो पन्ना में वन विभाग ने मोटरसाइकल, स्कूटर, कार और जीप को कागज पर जेसीबी के रूप में दर्ज किया था। फिल्हाल बताया जा रहा है कि अभी तो ये खुलासे का सिर्फ नमूना है, आगे चलकर इस मामले में और भी कई चीजें सामने आयेगी। बता दें कि साल 2014 में हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए इस फंड में अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए थे। प्रशासनिक हलकों में अभी जांच जारी ही थी कि प्रदेश की बीजेपी सरकार विधानसभा चुनाव हार गई और शिवराज सिंह सीएम पद से हट गये। चुनाव में कांग्रेस को पूर्णबहुमत हाशिल हुआ था इसलिए कमलनाथ के नेत्रत्व में कांग्रेस ने सरकार बनाई और सरकार ने बुंदेलखंड पैकेज घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी है।