एमपी: कमलनाथ ने दिया CM पद से इस्तीफा, फिर मुख्यमंत्री बनेंगे शिवराज

Kamal Nath resigns
कोरोना संकट के बीच सियासत: कमलनाथ ने की बिजली उपभोक्ताओं के बिल माफ करने की मांग

एमपी। मध्य प्रदेश में लगातार 17 दिन चल रहा सियासी घमासान आखिकार आज खत्म हो गया है। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी थी जिसके बाद बीजेपी लगातार फ्लोर टेस्ट की मांग कर रही थी। गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आज कमलनाथ सरकार को हर हाल में फ्लोर टेस्ट करना था लेकिन इससे पहले ही कमलनाथ ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया और थोड़ी ही देर बाद राज्यपाल लाल जी टंडन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं सूत्रो की माने तो बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत है, ऐसे में बीजेपी सरकार बना सकती है और एकबार फिर शिवराज के हांथो में कमान सौंपी जायेगी।

Mp Kamal Nath Resigns From Cm Post Shivraj Will Become Chief Minister Again :

बता दें कि हाल ही में कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गये थे। इसी से नाराज होकर सिंधिया के समर्थक 22 विधायकों ने भी कमलनाथ सरकार से इस्तीफा दे दिया था और बैंगुलूरू चले गये थे। तभी से लगातार कांग्रेस उन विधायकों से मिलने की ​कोशिश कर रही थी। हालांकि 22 में से 6 विधायकों के कमलनाथ सरकार ने इस्तीफे मंजूर कर लिये थे लेकिन 16 विधायकों को अपने पाले में लाने की कांग्रेस की पूरी कोशिश थी। जब कल सुप्रीम कोर्ट ने उन विधायकों के भी इस्तीफे मंजूर करने का निर्देश दे दिया तो कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी।

इस्तीफे के ऐलान से पहले कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी याद रखे कि कल और परसो भी आएगा। सब सच्चाई सामने आएगी। कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी ने 22 विधायकों को बंधक बनाया और ये पूरा देश बोल रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर खेल खेला जा रहा है। एक महाराज और उनके 22 साथियों के साथ मिलकर साजिश रची। इसकी सच्चाई थोड़ी समय में सामने आएगी। उन्होने कहा जनता कभी भी बीजेपी को माफ नही करेगी।

बता दें कि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब कमलनाथ सरकार के पास सिर्फ 99 विधायक बचे हैं, जबकि बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा चाहिए। उधर बीजेपी के पास पहले से ही 106 विधायक मौजूद हैं, ऐसे में ​बीजेपी की सरकार बनना तय है। वहीं बात करें बीजेपी आला कमान की तो सूत्रों का कहना है कि सीएम की जिम्मेदारी शिवराज सिंह को ही दी जायेगी। बताया जा रहा है कि ऐसी परिस्थितियों में शिवराज सिंह चौहान ही अपने अनुभव से सरकार चला सकते हैं।

एमपी। मध्य प्रदेश में लगातार 17 दिन चल रहा सियासी घमासान आखिकार आज खत्म हो गया है। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी थी जिसके बाद बीजेपी लगातार फ्लोर टेस्ट की मांग कर रही थी। गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आज कमलनाथ सरकार को हर हाल में फ्लोर टेस्ट करना था लेकिन इससे पहले ही कमलनाथ ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया और थोड़ी ही देर बाद राज्यपाल लाल जी टंडन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं सूत्रो की माने तो बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत है, ऐसे में बीजेपी सरकार बना सकती है और एकबार फिर शिवराज के हांथो में कमान सौंपी जायेगी। बता दें कि हाल ही में कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गये थे। इसी से नाराज होकर सिंधिया के समर्थक 22 विधायकों ने भी कमलनाथ सरकार से इस्तीफा दे दिया था और बैंगुलूरू चले गये थे। तभी से लगातार कांग्रेस उन विधायकों से मिलने की ​कोशिश कर रही थी। हालांकि 22 में से 6 विधायकों के कमलनाथ सरकार ने इस्तीफे मंजूर कर लिये थे लेकिन 16 विधायकों को अपने पाले में लाने की कांग्रेस की पूरी कोशिश थी। जब कल सुप्रीम कोर्ट ने उन विधायकों के भी इस्तीफे मंजूर करने का निर्देश दे दिया तो कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी। इस्तीफे के ऐलान से पहले कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी याद रखे कि कल और परसो भी आएगा। सब सच्चाई सामने आएगी। कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी ने 22 विधायकों को बंधक बनाया और ये पूरा देश बोल रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर खेल खेला जा रहा है। एक महाराज और उनके 22 साथियों के साथ मिलकर साजिश रची। इसकी सच्चाई थोड़ी समय में सामने आएगी। उन्होने कहा जनता कभी भी बीजेपी को माफ नही करेगी। बता दें कि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब कमलनाथ सरकार के पास सिर्फ 99 विधायक बचे हैं, जबकि बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा चाहिए। उधर बीजेपी के पास पहले से ही 106 विधायक मौजूद हैं, ऐसे में ​बीजेपी की सरकार बनना तय है। वहीं बात करें बीजेपी आला कमान की तो सूत्रों का कहना है कि सीएम की जिम्मेदारी शिवराज सिंह को ही दी जायेगी। बताया जा रहा है कि ऐसी परिस्थितियों में शिवराज सिंह चौहान ही अपने अनुभव से सरकार चला सकते हैं।