मध्य प्रदेश किसान आंदोलन, फायरिंग में हुई 6 की मौत

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसान कर्ज माफी और फसल के वाजिब दाम की मांग के चलते आंदोलन कर रहे किसानों पर मंगलवार को मंदसौर में पुलिस प्रशासन द्वारा की गई गोलीबारी में छह किसानों की मौके पर ही मौत हो गई और कई किसानों के घायल होने की भी खबर है। फायरिंग का विरोध करते हुए किसान संगठनों और कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को मध्यप्रदेश बंद का एलान किया है।




कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी किसानों से मिलने के लिए बुधवार को मंदसौर जाने वाले थे लेकिन बिगड़ती हालात को देख उन्होने दौरा टाल दिया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मंदसौर की घटना को लेकर कहा है कि, हमने मध्य प्रदेश के लोगों से कहा है कि किसानों का समर्थन करने के लिए आगे आएं। बुधवार को पूरा मध्यप्रदेश बंद रहेगा।



शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना में पीड़ितों के परिजन को 1-1 करोड़ रुपए और घायलों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं अब किसान दो करोड़ की मांग रहे हैं। चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा, मैं किसानों से संयम बरतने की अपील करता हूं तथा वे किसी के बहकावे में नहीं आए। प्रदेश सरकार उनके साथ है तथा उनकी समस्याओं को बातचीत के जरिये हल कर दिया जाएगा। इसके साथ ही चौहान ने किसान आंदोलन में हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया।

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एमपी के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार सुबह से अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए। नीमच-मंदसौर मार्ग पर स्थित पिपलिया मंडी में भी किसान सड़कों पर उतरे नज़र आए। किसानों ने सड़क से गुजरते ट्रकों से सब्जी और फलों को फेंकना शुरू कर दिया। वाहनों पर पथराव और तोड़फोड़ भी किया। पुलिस बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने किसानों को खदेड़ने की भी कोशिश की। जानकारी मिली है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसानी शुरू की तभी किसानों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने भी पत्थरों का इस्तेमाल किया और थोड़ी ही देर में पुलिस ने गोलीबारी शुरू कर दी।

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