राजनाथ सिंह गिनाते रहे सरकार की उपलब्धियां, सांसद नींद में देखते रहे सपने

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राजनाथ सिंह गिनाते रहे सरकार की उपलब्धियां, सांसद नींद में देखते रहे सपने

लखनऊ। देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद के सदस्यों से गंभीरता की उम्मीद करना कोई गलती नहीं है। खास तौर से उस दल के सांसदों से जो सत्ता में मौजूद हो। यह गंभीरता उस समय और अधिक होनी चाहिए जब सांसद की अपनी सरकार में दूसरा स्थान रखने वाला मंत्री अपनी ही सरकार की उप​​लब्धियां गिनवा रहा हो। लेकिन उस समय गंभीरता की बात करना बेइमानी है, जब सत्ता का सुख भोगते भोगते दिन में सपने देखने का शौक लग चुका हो। फिर कौन गृहमंत्री और कौन सी सरकार माननीय तो सपना देखेंगे।

राजनाथ सिंह समागम में अपना भाषण देते हुए

ऊपर लिखी लाइनों में जिन माननीय का जिक्र हुआ है वह अकबरपुर रनिया लोकसभा सीट से सांसद हैं और उनका नाम है देवेन्द्र सिंह भोले। यूं तो सांसद जी रविवार को पहुंचे थे कानपुर देहात के मूसानगर जहां संत समागम चल रहा था, इस कार्यक्रम में केन्द्र सरकार के कुछ मंत्रियों को बतौर अतिथि बुलावा भेजा गया था। चूंकि उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का माहौल है शायद इसलिए केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की और समागम में पहुंचे लोगों को अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनवाना शुरू कर दीं।

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एक ओर केन्द्रीय गृहमंत्री अपनी सरकार की उपलब्धी गिनवा रहे थे, तो दूसरी ओर उनकी ही पार्टी के सांसद देवेन्द्र सिंह भोला खर्राटे भर रहे थे। मानों उपलब्धियों की गिनती पूरी होने तक वह अपने खर्राटों से गृहमंत्री का उत्साहवर्धन कर रहे हों।

खैर सांसद जी का यह आचरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए संदेश देता है कि उनकी पार्टी के जो सांसद अपनी सरकार की उपलब्धियां सुनकर सोने लगते हैं, उनके सहारे 2019 के चुनाव कैसे लड़े जाएंगे। वे जनता के सवालों के जवाब कैसे देंगे, सरकार की उपलब्धियों के बारे में वे जनता को कैसे बताएंगे ?

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वैसे बात इतना भी बुरा मानने की नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री ने खाने को मना किया था सोने को नहीं। पार्टी इस बात को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

 

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लखनऊ। देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद के सदस्यों से गंभीरता की उम्मीद करना कोई गलती नहीं है। खास तौर से उस दल के सांसदों से जो सत्ता में मौजूद हो। यह गंभीरता उस समय और अधिक होनी चाहिए जब सांसद की अपनी सरकार में दूसरा स्थान रखने वाला मंत्री अपनी ही सरकार की उप​​लब्धियां गिनवा रहा हो। लेकिन उस समय गंभीरता की बात करना बेइमानी है, जब सत्ता का सुख भोगते भोगते दिन में सपने देखने का शौक लग…
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