RTI: जनता के पैसों को हवा में उड़ाने के मामले में वामपंथी सांसद सबसे आगे

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नई दिल्ली। चुनावी मौसम में जनता के बीच जाकर लोक-लुभावन वादे करने नेता चुनाव बीतते ही कैसे गिरगिट की तरह रंग बदलते है इसका खुलासा एक आरटीआई के जबाब में मिला है। जनता के पैसों से समाजसेवा की दुहाई देने वाले नेता उसी पैसों को पानी की तरह कैसे बहाते है इसका खुलासा हुआ है। कैसे चुनाव का सीजन निकलते ही ये विदेशों के दौरे पर निकल लेते है और फिर जब सीजन नजदीक आता है तो जनता की चौखट पर जाकर घड़ियाली आँसू बहाने लगते है। इसका भी खुलासा इस आरटीआई से मिले जबाब में हुआ है।

दरअसल, सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी को जानकार आप भी हैरान हो जाएंगे कि संसद में बैठे अधिकांश सांसदों ने हवाई यात्रा में करीब 130 करोड़ का खर्चा किया। चौंकाने वाली बात ये है कि इस मामले में लेफ्ट पार्टियों के नेता सबसे आगे हैं, जिनके खर्चे सबसे ज्यादा हैं। आरटीआई से खुलासा हुआ कि लोकसभा के सभी सदस्यों का एक साल का (अप्रैल 2016 से मार्च 2017) यात्रा और महंगाई भत्ते के रूप में कुल खर्च 95 करोड़ 70 लाख, 1 हजार आठ सौ तीस रुपये रहा। जबकि, राज्य सभा के सभी सदस्यों का अप्रैल 2016 से मार्च 2017 तक एक साल के लिए कुल खर्च 35 करोड़ 89 लाख, 31 हजार आठ सौ बासठ रहा. सांसदों के लिए खर्च इतना ज्यादा इसलिए है कि ज्यादातर सांसद फर्स्ट क्लास या फिर बिजनेस क्लास में उड़ान भरते हैं। यही नहीं सांसदों के पास किराए का एक चौथाई महंगाई भत्ता के रूप में पाने का भी अधिकार है।

आरटीआई में ये बात सामने आई है कि राज्यसभा के अधिकांश सदस्यों ने अप्रैल 2016 से मार्च 2017 तक टीए / डीए के रूप में लगभग 10 लाख रुपये लिए हैं। पश्चिम बंगाल के सीपीएम सांसद तो सरकारी पैसो को पानी की तरह बहाते हैं। आर. बनर्जी ने पिछले एक साल में 69,24,335 रुपये का क्लेम किया है। ये सासंद अपने लाइफ स्टाइल के लिए जाने जाते है। हाल में उन्हें सोशल मीडिया पर कई महंगी चीजों की फोटो पोस्ट की थी, जिसके बाद उनकी पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पार्टी का कहना था कि वो पार्टी की विचारधारा के खिलाफ काम कर रहे हैं। हवाई यात्राओं पर सबसे ज्यादा खर्च करने वालों में दूसरा नाम है पश्चिम बंगाल केसीपीआई नेता डी राजा का। राजा साहब सरकारी पैसों को पानी की तरह बहा रहे हैं। पिछले साल में उन्होंने 65,04,880 रुपये खर्च किए हैं।

नई दिल्ली। चुनावी मौसम में जनता के बीच जाकर लोक-लुभावन वादे करने नेता चुनाव बीतते ही कैसे गिरगिट की तरह रंग बदलते है इसका खुलासा एक आरटीआई के जबाब में मिला है। जनता के पैसों से समाजसेवा की दुहाई देने वाले नेता उसी पैसों को पानी की तरह कैसे बहाते है इसका खुलासा हुआ है। कैसे चुनाव का सीजन निकलते ही ये विदेशों के दौरे पर निकल लेते है और फिर जब सीजन नजदीक आता है तो जनता की चौखट…