400 साल पहले इस गांव में आया था हुमायूं, आज PM मोदी ने रखी शौचालय की नींव

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वाराणसी के शहंशाहपुर गांव पहुंचकर स्वच्छ भारत अभियान एक तहत शौचालय की नींव रखी। इसी के साथ पीएम मोदी इस गांव की 67 साल पुरानी गौशाला भी पहुंचे, यहां उन्होने पांच देशी नस्ल की गायों की पूजा की साथ ही पीएम मोदी ने पशुधन आरोग्य मेले का उद्घाटन भी किया। बता दें शहंशाहपुर गांव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से महज 30 किमी दूर है।
कहा जाता है, करीब 450 साल पहले शहंशाहपुर गांव में हुमायूं ने रात्रि विश्राम किया था। हुमायूं शेरशाह सूरी से चौसा के युद्ध में पराजित होने के बाद देर रात गंगा नदी पार कर इस गांव पहुंचा था। ग्रामीण बताते हैं कि गांव की एक वृद्धा ने हुमायूं को अपनी झोपड़ी में शरण दी थी। हालांकि वृद्धा को मालूम नहीं था कि वह हुमायूं हैं। कई सालों बाद इस बात का खुलासा हुआ, जब हुमायूं के सैनिक इस गांव पहुंचे। जिसके बाद इसका नाम शहंशाहपुर रखा गया, जो पहले कालूपुर के नाम से जाना जाता था।
शहंशाहपुर गांव जयापुर गांव से पांच किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। जयापुर गांव को प्रधानमंत्री मोदी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत सात नवंबर 2014 को गोद लिया था। जयापुर गांव वाराणसी जिले के सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र में आता है। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले नीलू बताते हैं कि गांव में अच्छी नयी सडकें, सौर उर्जा की व्यवस्था, शौचालय, जल पाइपलाइन कनेक्शन जैसी सुविधाएं हैं।

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