मुहर्रम पर यूपी के कानपुर समेंत पांच शहरों में बिगड़ा माहौल

लखनऊ। मुहर्रम को लेकर की गईं यूपी सरकार और प्रशासन की ओर से किए गए तमाम बन्दोवस्त सफल रहे, हालांकि इस बीच प्रदेश के पांच शहरों में छुटपुट हिंसा, आगजनी और गोलीबारी की खबरें भी सामने आईं हैं। कानपुर में दो जगह हुए बबाल के अलावा, बरेली, पीलीभीत, संभल और अंबेडकर नगर से भी छुटपुट हिंसा की खबरें सामने आईं हैं। हालांकि इस बीच पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने में पूरी तरह सफल रहा।

कानपुर के जूही इलाके के परमपुरवा और रावतपुर इलाके में दो अलग अलग जगह जुलूस को लेकर स्थिति बिगड़ गई। जूही में जुलूस का रूट बदले जाने को लेकर शुरू हुए बवाल के बीच उपद्रवियों ने इलाके की एक चौकी में जमकर तोड़फोड़ की। थाने की जीप में तोड़फोड़ की तो एक वैन में आग लगा दी। एक पुलिसकर्मी की बाइक समेत कई वाहनों को फूंक डाला तो एक टेंट दुकान को भी आग के हवाले कर दिया। वहीं रावतपुर में दोनों पक्षों के बीच सुबह हुई मामूली कहासुनी कब लाठी डंड़ों से लेकर गोलीबारी और बमबाजी तक पहुंच जाएगी, इस बात का अंदाजा कानपुर पुलिस कुछ देर से लगा पाई। कानपुर में दो जगह हुए बवाल को शांत करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस, चिली बंम और हल्के बल प्रयोग का सहारा लिया।पुलिस ने हिंसा भड़काने और सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में 12 लोगों को ​हिरासत में भी लिया है।

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यूपी में दूसरा बड़ा विवाद सामने आया बरेली के जोगी नवादा में जहां प्रस्तावित रूट से ताजिया जुलूस आगे बढ़ाने पर बवाल हो गया। वहां रहने वाले दूसरे पक्ष के लोग नई परंपरा डालने का आरोप लगाते हुए जलूस का विरोध किया और सड़कों पर उतर आए। थोड़ी देर में छतों से जुलूस पर पथराव हो गया। इसमें छह से अधिक लोग घायल हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए।

पीलीभीत में इस साल ताजियों की संख्या बढ़ाने और गलत रूट से जुलूस निकालने का आरोप लगाते हुए दूसरे पक्ष के लोग विरोध में उतर आए। देखते ही देखते दोनों ओर से सैंकड़ों लोग सड़कों पर आ गए।

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मारपीट और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसमें करीब 12 लोग चोटिल हो गए। बाद में भारी सुरक्षा के बीच जुलूस निकाला गया। गोंडा के मसकनवां में मुहर्रम के जुलूस के दौरान राड फोड़ने के बाद विवाद बढ़ गया।

बताया जाता है राड फोड़ने से उसका शीशा जाकर एक महिला को लग गया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने सामने आ गए।

अंबेडकरनगर के आलापुर थाना क्षेत्र के न्योरी स्थित बाजार में ताजिया का जुलूस और मूर्ति विसर्जन एक ही रास्ते से निकलते समय दो संप्रदायों में जमकर बवाल हुआ। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जहां तेज आवाज में डीजे बजाते हुए अबीर गुलाल फेंके जाने का आरोप लगाया वहीं मूर्ति विसर्जन के लिए जाने वाले लोगों ने मूर्ति एवं वाहनों पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया।

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सम्भल में ताजिया और मेहंदी के जुलूस को लेकर रविवार को सम्भल में बवाल हो गया। 10 लोग घायल हो गए। सिसौटा में मेहंदी का जुलूस निकाल रहे लोगों पर पथराव किया गया जबकि परियावली में बिना ताजिया खोले जुलूस निकालने का दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध कर दिया। इस पर गुस्साए लोगों ने जाम लगा दिया। बाद में पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ा और जाम खुलवाया।