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टिकटॉक की रेटिंग पर बोले ‘शक्तिमान’, कहा- ये फालतू है, यूथ को बिगड़ने से बचाइये

Mukesh Khanna Aka Shaktimaan Reaction On Tik Tok Viral Video

By बलराम सिंह 
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नई दिल्ली। इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है। देश में लॉकडाउन लागू किया गया है। सभी से घरों में रहने की अपील की जा रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर भी एक जंग छि़ड़ी हुई है, जो टिकटॉक को बैन करने को लेकर है। अब इस पर ‘भारत के पहले सुपरहीरो’ कहे जाने वाले शक्तिमान यानि मुकेश खन्ना का बयान सामने आया है।

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सोशल मीडिया पर टिकटॉक को बैन करने की मांग उठने से मुकेश खन्ना काफी खुश हैं। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वो कह रहे हैं, ‘दोस्तों, टिकटॉक बनाने के सिवा इस दुनिया में और भी कई काम हैं। कोरोना वायरस के इफेक्ट और बुरी खबरों के बीच एक खुशखबरी आई है कि चाइनीज वायरस टिकटॉक हमसे दूर चला गया है। उसकी रेटिंग 4.5 से 1.3 हो गई है।’

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टिक टोक टिक टोक घड़ी में सुनना सुहावना लगता है। लेकिन आज की युवा पीढ़ी का घर मोहल्ले सड़क चौराहे पर चंद पलों की फ़ेम पाने के लिए सुर बेसुर में टिक टोक करना बेहुदगी का पिटारा लगता है।कोरोना चायनीज़ वाइरस है ये सब जान चुके हैं।पर टिक टोक भी उसी बिरादरी का है ये भी जानना ज़रूरी है। टिक टोक फ़ालतू लोगों का काम है।और ये उन्हें और भी फ़ालतू बनाता चला जा रहा है।अश्लीलता, बेहुदगी, फूहड़ता घुसती चली जा रही है आज के युवाओं में इन बेक़ाबू बने विडीओज़ के माध्यम से। इसका बंद होना ज़रूरी है।ख़ुशी है मुझे कि इसे बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।मैं इस मुहिम के साथ हूँ।

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मुकेश खन्ना ने आगे कहा, ‘मुझे खुशी है कि मेरी और टिकटॉक ना चाहने वाले बाकी लोगों की सलाह पर आप धीरे-धीरे इसका बहिष्कार कर रहे हैं। मैं तो यही कहना चाहता हूं कि आप लोग चाइनीज प्रोडक्ट्स की लिस्ट में सबसे पहला नाम इसका ही रखिए। इसे दूर करिए और यूथ को बिगड़ने से बचाइये।’

एक्टर ने इस वीडियो के कैप्शन में लिखा, ‘टिक टोक टिक टोक घड़ी में सुनना सुहावना लगता है। लेकिन आज की युवा पीढ़ी का घर मोहल्ले सड़क चौराहे पर चंद पलों की फ़ेम पाने के लिए सुर बेसुर में टिक टोक करना बेहुदगी का पिटारा लगता है। कोरोना चायनीज़ वाइरस है ये सब जान चुके हैं। पर टिक टोक भी उसी बिरादरी का है ये भी जानना ज़रूरी है। टिक टोक फ़ालतू लोगों का काम है और ये उन्हें और भी फ़ालतू बनाता चला जा रहा है। अश्लीलता, बेहुदगी, फूहड़ता घुसती चली जा रही है आज के युवाओं में इन बेक़ाबू बने विडीओज़ के माध्यम से। इसका बंद होना ज़रूरी है।ख़ुशी है मुझे कि इसे बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।मैं इस मुहिम के साथ हूँ।’

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