बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, नहीं कर पाएंगे चुनाव प्रचार

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता और बसपा नेता मुख्तार अंसारी दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दे दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अंसारी की परोल की अर्जी को खारिज कर दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए विधायक मुख्तार अंसारी को हिरासत में पेरोल देने के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया। हाइकोर्ट ने चुनाव आयोग की याचिका पर यह फैसला दिया है।




ज्ञात हो कि उच्च न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद चुनाव आयोग की उस याचिका पर 22 फरवरी को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था जिसमें अंसारी को जेल से बाहर न जाने देने की मांग की गई थी। आयोग ने अंसारी को निचली अदालत से मिली कस्टडी पैरोल को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने सोमवार को अपना फैसला देते हुए आयोग की मांग को स्वीकार कर लिया। हालांकि उन्होंने चुनाव आयोग की मांग पर 17 फरवरी को अंसारी को मिली पैरोल पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अंसारी ने अपना पक्ष रखते हुए चुनाव आयोग की याचिका को खारिज करने की मांग की थी।




गौरतलब है कि बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी पर दिल्ली के सीबीआई कोर्ट में बीजेपी के विधायक कृष्णानंद राय की हत्या करने के आरोप में मुकदमा चल रहा है। 2005 में कृष्णानंद और छ अन्य लोगों को गाजीपुर के पास गोली मार दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट में मृतक कृष्णानंद की पत्नी ने एक अपील दायर की। अपील में यह मंग की गई थी कि मुख्तार अंसारी पर गाज़ीपुर के बदले दिल्ली में मुकदमा चलाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील के पक्ष में अपना फैसला सुनाया था।