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पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ के कारण हुआ ‘बिकरू कांड’ : डीजीपी मुकुल गोयल

उत्तर प्रदेश के डीजीपी मुकुल गोयल शुक्रवार को दोपहर डीजीपी मुख्यालय में पदभार ग्रहण कर लिया है। बता दें कि योगी सरकार ने बुधवार को उन्हें प्रदेश के डीजीपी पद पर नियुक्त किया था। वर्ष 1987 बैच के आईपीएस मुकुल गोयल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ में एडीजी आपरेशन्स के पद पर अभी तक तैनात थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार की दोपहर बाद उन्हें अपने प्रदेश काडर में लौटने के लिए बीएसएफ से कार्यमुक्त कर दिया था।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डीजीपी मुकुल गोयल शुक्रवार को दोपहर डीजीपी मुख्यालय में पदभार ग्रहण कर लिया है। बता दें कि योगी सरकार ने बुधवार को उन्हें प्रदेश के डीजीपी पद पर नियुक्त किया था। पदभार ग्रहण करने के बाद डीजीपी गोयल ने प्रदेश के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों से ज्यादा से ज्यादा जनता से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छोटे अपराधों को पुलिस नजरअंदाज करती है, जिससे जनता को काफी परेशानी होती है। उन्होंने बिकरू कांड का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ से इतनी बड़ी घटना हुई थी।

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गोयल ने बताया कि करीब 5 साल बाद लखनऊ आना हुआ है। उन्होंने कहा कि जब मैं एडीजी कानून व्यवस्था था, तब इस पुलिस मुख्यालय के लिए जमीन ली गई थी। आज यहां बैठकर अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश की कानून व्यवस्था को और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। गोयल ने कहा कि उनकी कोशिश होगी कि पुलिसकर्मी और अधिकारी जनता से जुड़ें ताकि जनता और पुलिस के बीच की दूरी कम हो।

गोयल ने कहा कि सबको सुरक्षा का भरोसा दिलाना ही पुलिस की प्राथमिकता होगी। गोयल ने कहा कि धर्मांतरण के मामले में दोषियों को सजा होगी लेकिन कोई भी निर्दोष जेल नहीं जाएगा। वहीं अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर ठोस नियम बनाए जाएंगे। साइबर क्राइम को रोकने के लिए हर जोन में 18 थाने बने हैं। पुलिस को हाईटेक उपकरण और सॉफ्टवेयर मुहैया करवाए जा रहे हैं। साम्प्रदायिक हिंसा और विवाद को रोकने के लिए ठोस योजना बनेगी। महिला सुरक्षा के लिए महिला थाना, पिंक बूथ, महिला हेल्प डेस्क बने हैं। इसके साथ ही अन्य सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा।

मुकुल गोयल को विधानसभा चुनाव में पूर्व डीजीपी पद की जिम्मेदारी सौंपकर यूपी सरकार ने उन पर भरोसा जताया है। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। खासकर कई डीजी और एडीजी रैंक के अफसरों अधिकारियों को इधर से उधर किया जा सकते हैं। वर्ष 1987 बैच के आईपीएस मुकुल गोयल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बीएसएफ में एडीजी आपरेशन्स के पद पर अभी तक तैनात थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार की दोपहर बाद उन्हें अपने प्रदेश काडर में लौटने के लिए बीएसएफ से कार्यमुक्त कर दिया था।

बता दें कि आईपीएस मुकुल गोयल के मेरठ एसएसपी रहने के दौरान दूसरा चर्चित मामला अपराधी विजय उर्फ बबलू की गिरफ्तारी का था। विजय धर्मा गैंग का शार्प शूटर था और उस पर दरोगा की हत्या का आरोप था। पुलिस विभाग की ओर से दो लाख रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। आरोपी को मेरठ में आईपीएस मुकुल गोयल की टीम ने गिरफ्तार किया था। मेरठ में ही एक चर्चित एनकाउंटर में आईपीएस मुकुल गोयल ने दौराला के बदमाश चमन और सुभाष ताऊ को ढेर किया था। चमन और वतन दोनों भाई थे और शातिर बदमाश थे। लोगों से वसूली और रंगदारी मांगना इनका धंधा था। चमन और सुभाष को एनकाउंटर में पुलिस ने मार गिराया था।

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