मुलायम की अखिलेश को नसीहत, चुनाव बाद तय होगा कौन बनेगा मुख्यमंत्री

लखनऊ: समाजवादी पार्टी पांच नवंबर को अपने स्थापना की रजत जयंती मनायेगी, इस मौके पर पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया। मुलायम सिंह यादव ने इशारों ही इशारों में सीएम अखिलेश यादव को बता दिया है कि कोई कुछ भी कहे लेकिन पार्टी में अभी भी उनका ही सिक्का चलेगा। मुलायम ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव के बाद ही सपा की ओर से मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा। विधायक दल मिलकर मुख्यमंत्री के नाम पर कोई फैसला लेंगे।




चूंकि मुलायम परिवार में झगड़े की खबर पिछले कुछ समय से मीडिया की सुर्खियों में है, इसलिए उनके इस बयान को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में कोई विवाद नहीं है। तीन पीढ़ी से कोई विवाद नहीं हुआ, तो अब क्या होगा। उन्होंने कहा कि शिवपाल पार्टी के प्रभारी हैं और सबकुछ हैं। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार चुनाव में एक साथ जायेगा। उन्होंने कहा हमारी पार्टी पर जनता को विश्वास है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेरी वजह से पार्टी आज इस मुकाम पर पहुंची है। अखिलेश यादव द्वारा अकेले प्रचार करने के बयान पर उन्होंने कहा कि कोई विवाद नहीं है, सब प्रचार करेंगे और चुनावी रथ चलेगा।

उन्होंने कहा कि मैं जब रक्षा मंत्री था उस वक्त के कार्यकाल को लोग आज भी याद करते हैं। मेरे काम बहुत बढ़िया था उन्होंने कहा कि उस वक्त हमारी पार्टी के बिना सरकार नहीं बन सकती थी। उनसे जब कॉमन सिविल कोड के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सबको साथ लेकर चलना होगा। हालांकि मैं अभी इस बारे में कुछ कहना नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि कॉमन सिविल कोड पर कोई विवाद नहीं है। अखिलेश के ताजा इन्टरव्यू में उनकी टिप्पणी कि मैंने तो अपना नाम खुद रखा, पर जवाब देते हुए मुलायम ने कहा, ये भी कोई सवाल है? उन्होंने कहा, राजनीतिक व्यस्तताओं केकारण अखिलेश का लालन-पालन मेरी बहन ने किया। उनको वह बहुत नहीं मानते भी हैं। मुलायम बोले, अखिलेश ही नहीं, परिवार में कई सदस्यों ने अपने नाम खुद रखे। धरमेंद्र ने भी अपना नाम खुद ही रखा है।




गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि वे अकेले चुनाव प्रचार करेंगे और अपने कार्यों के बल पर चुनाव जीत कर आयेंगे। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा है कि मुलायम मेरे पिता हैं और शिवपाल मेरे चाचा, इसे बदला नहीं जा सकता है। परिवार में कोई विवाद नहीं है। उन्होंने यह बात स्वीकारी है कि उन्हें पार्टी में किनारे करने की कोशिश हो रही है, लेकिन उन्हें हराया नहीं जा सकता है।

पार्टी के मौजूदा को देखते हुए उन्होंने कहा कि किसी का इंतजार किए बगैर अकेले चुनाव प्रचार शुरू करूंगा। उन्होंने आगे कहा कि ‘बचपन में मेरा नाम मुझे खुद रखना पड़ा था और मैं हार नहीं मानने वाला हूं।’ इसलिए अब किसी का इंतजार किए बिना मैं यूपी विधानसभा चुनाव 2017 के प्रचार शुरू करूंगा। अखिलेश के इस बयान से साफ समझा जा सकता है कि परिवार और पार्टी में मचा सियासी घमासान फिलहाल थमा नहीं है। लेकिन, इस सब के बावजूद अखिलेश को विश्वास है कि वह प्रदेश में दोबारा सरकार बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवाद जैसा कुछ भी नहीं है, यह सब मीडिया की देन है। इतना सब मीडिया में आने के बाद भी अखिलेश को भरोसा है कि समाजवादी पार्टी प्रदेश की सत्ता में एक बार फिर से काबिज होगी। वह ही पार्टी का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं क्रिकेट का काफी शौकीन हूं, जब गेंद बल्ले में बेहतर ढंग से आने लगती है तो फिर रन बनते जाते हैं। मेरे भी बल्ले में लगातार अच्छी तरह से गेंद आ रही है और उत्तर प्रदेश विकास की राह पर है। काम ने गति पकड़ी है और अब दूसरे चरण की तैयारी हो रही है। मेरे कार्यकाल में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं और सत्ता में एक बार फिर अपनी वापसी सुनिश्चित है।