मुलायम सिंह यादव ने नरेश अग्रवाल और किरणमय नंदा को पार्टी से निकाला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा की सबसे बड़ा विधायक बल रखने वाली समाजवादी पार्टी के भीतर चुनावों से पहले छिड़ी अंदरूनी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव द्वारा बुलाए गए विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन में एकाएक जिस तरह से सीएम अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया, मुलायम सिंह यादव को पार्टी का संरक्षक बनाया गया और शिवपाल यादव को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के साथ अमर सिंह को पार्टी से बर्खास्त किया गया उसके बाद से पार्टी के दूसरे खेमे की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं हैं।




मिली जानकारी के मुताबिक मुलायम सिंह यादव की मनाही के बावजूद पार्टी के जो नेता विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन के मंच पर नजर आने के बाद बयानबाजी करते नजर आए पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस कार्रवाई में सबसे पहले राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव को 6 साल के पार्टी से बाहर किया गया, इस जानकारी के साथ ही खबर आई की मुलायम सिंह यादव ने 5 जनवरी को समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया है। इस दौरान पार्टी कार्यालय पहुंचे शिवपाल यादव और उनके समर्थकों को कार्यालय में घुसने से रोका गया। इसके साथ ही शिवपाल खेमे के कई नेताओं की सुरक्षा भी वापस ले ली गई।




यह पूरा घटनाक्रम रविवार की सुबह से शाम तक चलता रहा और उसके साथ ही पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएम अखिलेश यादव की ओर से नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नरेश उत्तम के नाम की घोषणा कर दी गई। जैसे ही यह खबर सुर्खियों में आई प्रक्रिया के रूप में कार्रवाई करते हुए मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के दो बड़े नेताओं और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल और किरणमय नन्दा को पार्टी से बर्खास्त कर दिया।




किरणमय नंदा ने विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन के मंच पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए, अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की शुभकामनाओं के साथ मंगल भविष्य की कामना की थी। इसके साथ ही नरेश अग्रवाल ने मीडिया में अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर बयान दिया था कि पार्टी अब अखिलेश की है, उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना जनता को मंजूर है ऐसे में मुलायम सिंह यादव कौन होते हैं जो नाराजगी जाहिर करें।




आपको बता दें कि किरणमय नंदा मुलायम के बेहद करीबी सलाहकारों में गिने जाते रहे हैं। वह सक्रिय राजनीति से दूर रहकर पार्टी के अंदरूनी मामलों में होने वाले फैसलों में अपनी अहम राय के लिए जाने जाते रहे हैं। वहीं नरेश अग्रवाल भी मुलायम सिंह यादव के करीबियों में गिने जाते हैं।