नासिक जेल में बंद मुंबई ब्लास्ट के दोषी यूसुफ मेमन की हुई मौत

    22-5

    नासिक: नासिक की सेंट्रल जेल में सजा काट रहे टाइगर मेमन के भाई यूसुफ मेमन की शुक्रवार को मौत हो गई. उसकी मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है. यूसुफ के शव को नासिक सेंट्रल जेल से पोस्टमार्टम के लिए धुले भेजा जा रहा है. पोस्टमार्टम के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसकी मौत किस वजह से हुई.

    Mumbai Blast Convict Yusuf Memon Dies In Nashik Jail :

    आपको बता दें कि यूसुफ मेमन 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों की साजिश में शामिल था और धमाकों के मुख्य अभियुक्तों में शामिल टाइगर मेमन का भाई था. 2007 में उसे सजा सुनाई गई थी. साल 2018 में यूसुफ को नासिक सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था.

    यूसुफ की मौत के बारे में बताते हुए नासिक सेंट्रल जेल के जेलर प्रमोद वाघ ने बताया कि सुबह उसको अटैक आया था, जिसके बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया था. लेकिन वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.

    2 घंटे में 12 धमाकों में जब चली गईं 257 जानें

    12 मार्च, 1993. दिन शुक्रवार. हमेशा की तरह मुंबई में जिंदगी दौड़ रही थी. दोपहर का समय था. लोग लंच की तैयारी में थे. दोपहर के 1.30 बज चुके थे. अचानक मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में जोर धमाका हुआ. ऐसा धमाका, जिसकी गूंज दूर-दूर तक गई. चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई.

    इससे पहले कि हाहाकार के बीच लोग कुछ समझ पाते महज 2 घंटे 10 मिनट के भीतर मुंबई के अंदर 12 जगह धमाके हो गए. इनमें 257 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. यह उस वक्त का सबसे बड़ा आतंकी हमला था.

    नासिक: नासिक की सेंट्रल जेल में सजा काट रहे टाइगर मेमन के भाई यूसुफ मेमन की शुक्रवार को मौत हो गई. उसकी मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है. यूसुफ के शव को नासिक सेंट्रल जेल से पोस्टमार्टम के लिए धुले भेजा जा रहा है. पोस्टमार्टम के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उसकी मौत किस वजह से हुई. आपको बता दें कि यूसुफ मेमन 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बम धमाकों की साजिश में शामिल था और धमाकों के मुख्य अभियुक्तों में शामिल टाइगर मेमन का भाई था. 2007 में उसे सजा सुनाई गई थी. साल 2018 में यूसुफ को नासिक सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था. यूसुफ की मौत के बारे में बताते हुए नासिक सेंट्रल जेल के जेलर प्रमोद वाघ ने बताया कि सुबह उसको अटैक आया था, जिसके बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया था. लेकिन वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. 2 घंटे में 12 धमाकों में जब चली गईं 257 जानें 12 मार्च, 1993. दिन शुक्रवार. हमेशा की तरह मुंबई में जिंदगी दौड़ रही थी. दोपहर का समय था. लोग लंच की तैयारी में थे. दोपहर के 1.30 बज चुके थे. अचानक मुंबई स्टॉक एक्सचेंज में जोर धमाका हुआ. ऐसा धमाका, जिसकी गूंज दूर-दूर तक गई. चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. इससे पहले कि हाहाकार के बीच लोग कुछ समझ पाते महज 2 घंटे 10 मिनट के भीतर मुंबई के अंदर 12 जगह धमाके हो गए. इनमें 257 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. यह उस वक्त का सबसे बड़ा आतंकी हमला था.