मुंबई ब्लास्ट फैसला: दो को उम्र कैद, दो को फांसी और एक को 10 साल कैद की सजा

मुंबई ब्लास्ट फैसला: दो को उम्र कैद, दो को फांसी और एक को 10 साल कैद की सजा

मुंबई। मुंबई की टाडा विशेष अदालत ने 12 जून 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में पांच अभियुक्तों के खिलाफ गुरुवार को सजा सुना दी है। इस मामले में जून 2017 को अदालत ने अबू सलेम, ताहिर मर्चेंट, फिरोज खान, करीमुल्ला शेख और रियाज सिद्दिकी को दोषी करार दिया था। अपने फैसले पर अदालत ने अपने फैसले को पढ़ते हुए सजा सुनाई।

मिली जानकारी के मुताबिक अदालत ने अबू सलेम और करीमुल्ला शेख को हत्या और षड्यंत्र की अलग—अलग धाराओं में उम्र कैद की सजा और दो दो लाख जुर्माने की सुनाई है। इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आए ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी की सजा सुनाई है। जबकि इस कांड में साजिश का हिस्सा रहे रिजाज सिद्दिकी को अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है।

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अदालत ने करीमुल्ला को सबसे पहले सजा सुनाते हुए कहा​ कि उसे इस पूरे षड्यंत्र के बारे में जानकारी थी। उसे मालूम था कि इस वारदात से देश की सुरक्षा को खतरा है ​इसके बावजूद उसने जानकारी को दबाए रखा। इसलिए उसे हत्या और साजिश में संलिप्तता का दोषी मानते हुए उम्र कैद और 2 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई जाती है।

करीमुल्ला शेख को आजीवन कारावास और 2 लाख के जुर्माने की सजा सुनाते हुए कहा कि मुंबई ब्लास्ट कांड में करीमुल्ला की संलिप्त था। उसके पास विस्फोटक की तस्करी से लेकर बलास्ट होने तक कई जानकारियां थीं। उसे मालूम था कि यह षड्यंत्र देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करेगा।

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अदालत ने अबू सलेम को हत्या और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए षड्यंत्र रचने और टाटा कानून के तहत गैरकानूनी हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा और एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जबकि हत्या के मामले में उसे दूसरी आजीेवन कारावास की सजा और एक लाख रुपए के जुर्माने की सुनाई गई है। ये दोनों ही सजाएं एक साथ चलेंगी। बताया जा रहा है कि सीबीआई के वकील ने अबू सलेम को फांसी की सजा की मांग की थी लेकिन पुर्तगाल और भारत के बीच हुई प्रत्यार्पण ट्रिनिटी के तहत भारत लाए गए अबू सलेम को अधिकतम 25 साल की सजा की वाध्यता के चलते अदालत ने उसे मृत्युदंड नहीं दिया।

वहीं इस ब्लास्ट कांड में संलिप्तता के लिए दोषी करार दिए गए रियाज सिद्दिकी को 10 साल की सजा सुनाई गई है। रियाज सिद्दिकी के लिए सीबीआई ने उम्रकैद की सजा की मांग की थी। रियाज सिद्दिकी की भूमिका को मुख्य न मानते हुए अदालत ने उनके साथ नरमी बरतते हुए फैसला सुनाया है।

ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को ​फांसी —

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अदालत ने सीबीआई की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर फिरोज खान और ताहिर मर्चेंट को मुख्य साजिशकर्ता करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। बताया गया है कि ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान ने 1993 के मुंबई धमाकों की शुरूआती साजिश रची थी। इन दोनों ने मुंबई बम धमाकों को अंजाम देने के लिए अपने गुर्गों को पाकिस्तान भेज कर ट्रेनिंग दिलाई थी। उसके बाद पाकिस्तान से विस्फोटक की तस्करी करवाने से लेकर, धमाकों को अंजाम देने तक की साजिश में हर कदम पर इन दोनों अभियुक्तोंं की भूमिका मुख्य रही।

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