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Afghanistan Crisis : Munawwar Rana के ​फिर बिगड़े बोल- यूपी में भी Taliban जैसा हो रहा है काम

शायर मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) ने कहा कि हमारे देश में कई तालिबानी मौजूद हैं। तालिबान का समर्थन करते हुए कहा कि तालिबान जो कर रहा है। वह बदले की कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि तालिबान (Taliban) को लेकर जल्दबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि तालिबान ने एक भी भारतीय को नहीं मारा है। मुनव्वर राणा ने कहा कि आप तालिबानी क्यों कह रहे हैं, उन्हें अफगानी कहिये वहां एक नई हुकूमत वहां बनने जा रही है।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। शायर मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) ने कहा कि हमारे देश में कई तालिबानी मौजूद हैं। तालिबान का समर्थन करते हुए कहा कि तालिबान जो कर रहा है। वह बदले की कार्रवाई है। राणा ने कहा कि 20 साल में कई देशों की फ़ौजों ने तालिबानियों पर बम बरसाए हैं । उन्होंने कहा कि तालिबान (Taliban) को लेकर जल्दबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि तालिबान (Taliban) ने एक भी भारतीय को नहीं मारा है। मुनव्वर राणा ने कहा कि आप तालिबानी क्यों कह रहे हैं, उन्हें अफगानी कहिये वहां एक नई हुकूमत वहां बनने जा रही है।

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उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में वही लोग भाग रहे हैं जो अफगान हुकूमत के ख़ास करीबी हैं। मुनव्वर राणा ने कहा कि साउदी अरब में भी इस्लामिक कानून है। उन्होंने कहा कि जब किसी भी देश में बहुत सारे लोग शासन का कर लेते हैं तो दुनिया से उस देश का डर खत्म हो जाता है। अफगानिस्तान में भी यही हुआ है।

मुनव्वर राना (Munawwar Rana) ने कहा ​कि जितनी क्रूरता अफगानिस्तान में है, उससे ज्यादा क्रूरता तो हमारे यहां पर ही है। पहले रामराज था, लेकिन अब कामराज है, अगर राम से काम है तो ठीक वरना कुछ नहीं।

मुनव्वर राणा ने कहा कि हिन्दुस्तान को तालिबान (Taliban) से डरने की ज़रुरत नहीं है, क्योंकि अफगानिस्तान से जो हजारों बरस का साथ है उसने कभी हिन्दुस्तान को नुकसान नहीं पहुंचाया है। जब मुल्ला उमर की हुकूमत थी तब भी उसने किसी हिन्दुस्तानी को नुकसान नहीं पहुंचाया, क्योंकि उसके बाप-दादा हिन्दुस्तान से ही कमा कर ले गए थे। मुनव्वर राणा बोले कि जितनी एके-47 उनके पास नहीं होंगी, उतनी तो हिन्दुस्तान में माफियाओं के पास हैं। तालिबानी तो हथियार छीनकर और मांगकर लाते हैं, लेकिन हमारे यहां माफिया तो खरीदते हैं।

यूपी सरकार ने देवबंद में एटीएस सेंटर खोलने पर मुनव्वर राणा ने कहा कि जब तक ये सरकार है कुछ भी कर सकती है, लेकिन मौसम हमेशा एक-सा नहीं रहता है। धर्मांतरण जैसे मसलों से मुल्क बर्बाद होता है, लेकिन हम चाहते हैं कि हमारा मुल्क पहले जैसा था, वैसा हो जाए। मुनव्वर राणा ने कहा कि यूपी में भी थोड़े बहुत तालिबानी हैं, यहां सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि हिंदू तालिबानी भी होते हैं। आतंकवादी क्या मुसलमान ही होते हैं, हिन्दू भी होते हैं। महात्मा गांधी सीधे थे और नाथूराम गोडसे तालिबानी था। यूपी में भी तालिबान जैसा काम हो रहा है।

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तालिबान से जुड़े मुद्दे की बात करें तो हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने विवादित बयान दिया था, उन्होंने तालिबानियों की तुलना भारत के स्वतंत्रता सेनानियों से की थी। जिसके बाद उन पर केस दर्ज हो गया था। इसके आल ​इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी कर चुका है।

भारत का 3 अरब डॉलर का निवेश है संकट में

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban)  की वापसी के बाद भारत का 3 अरब डॉलर का निवेश संकट में है। काबुल में भारत का दूतावास खाली हो चुका है, सभी राजनयिक लौट चुके हैं। दोनों देशों के बीच कारोबार भी ठप है।

अफगानिस्तान (Afghanistan) पर तालिबान के कब्जे के बाद से अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। तालिबान के राज में अपने भविष्य को लेकर आशंकित अफगानी नागरिक जल्द से जल्द यहां से निकलना चाह रहे हैं। राजधानी काबुल स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट (International Airport in Kabul) से रोजाना कई भयावह और दिल को दहलाने वाली तस्वीर और वीडियो सामने आ रहे हैं। कहीं हजारों की संख्या में लोग एयरपोर्ट पर बेतहाशा भागते नजर आ रहे हैं।

अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एजेंसी (United Nations Food Agency) के प्रमुख ने कहा कि देश में तालिबान के कब्जे के बाद वहां एक मानवीय संकट (Humanitarian Crisis)उत्पन्न हो रहा है, जिसमें 1.4 करोड़ लोगों के सामने भुखमरी की गंभीर समस्या (Serious Problem of Starvation) खड़ी हो गई है। अफगानिस्तान (Afghanistan)  के संघर्ष, तीन सालों में देश के सबसे बुरे सूखे ने और कोविड महामारी के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव ने पहले से ही विकट स्थिति को तबाही की ओर धकेल दिया है। यहां 40 फीसदी से ज्यादा फसलें नष्ट हो गई हैं। सूखे से पशुधन तबाह हो गया है। तालिबान के आगे बढ़ने के साथ-साथ सैकड़ों-हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं और सर्दियां भी आने वाली है।

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