मुस्कुराइए नहीं…खौफ में रहिये क्योंकि आप लखनऊ में हैं

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मुस्कुराइए नहीं...खौफ में रहिये क्योंकि आप लखनऊ में हैं

लखनऊ। सूबे की राजधानी लखनऊ में बीती रात एक सनसनीखेज वारदात ने शहरवासियों के जहन में दहशत पैदा कर दी है। महज पुलिसकर्मियों के रोकने पर जब एक आम आदमी ने गाड़ी नहीं रोकी तो पुलिसकर्मी ने एक सधे निशाने से उस पर फायर कर दी और गोली सीधे उसकी ठोढ़ी में जा लगी, जिससे उसकी मौत हो गयी। एक हंसते खेलते परिवार की खुशियों को गैरजिम्मेदार खाकीधारियों ने उजाड़ कर रख दिया। पुलिस महकमा इस पूरे प्रकरण को लेकर कार्रवाई की बात कर अपना पल्ला झाड़ रहा है। आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मृतक की पत्नी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलाने की मांग पर अड़ी हैं। उनका कहना है, जब तक सीएम योगी नही आते वो शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी।

Muskurayiye Nhi Khauf Me Rahiye Aap Lucknow Me Hai :

ये है पूरा मामला-

गोमती नगर में शुक्रवार देर रात करीब पौने तीन बजे मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास दो सिपाहियों ने एसयूवी में सवार एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी। गोली लगते ही उसका संतुलन बिगड़ा और गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई। वहीं गोली लगने से विवेक की मौके पर ही मौत हो गई। यह देखते ही दोनों आरोपी सिपाही मौके से भाग निकले। दूसरे पुलिसकर्मियों ने विवेक को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विवेक की सहकर्मी सना की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर फायरिंग करने वाले कांस्टेबल प्रशांत कुमार और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों आरोपी सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है।

क्या कहती है पुलिस-

यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने कहा कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया जा रहा है और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताया है। वहीं एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया, कांस्टेबल को ऐसा लगा कि गाड़ी में अपराधी बैठे हुए हैं जो गश्त वाली बाइक में टक्कर मारने के बाद भागने की कोशिश कर रहे हैं। यही सोचकर उसने खुद के बचाव में गोली मार दी।

पोस्टमार्टम में हुआ ये खुलासा-

विवेक के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया और साथ ही इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गयी है। वहीं पैनल में मौजूद एक डॉक्टर का कहा है कि फायर का स्पॉट देखकर साफ है कि विवेक को काफी करीब से गोली मारी गयी है।

मृतक की पत्नी ने खड़े किए सवाल-

विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने कहा, “विवेक ने फोन पर बताया कि वो सना को छोड़ने के बाद घर पहुंचेंगे। मैंने बाद में फोन किया तो एक आदमी ने उठाया जिसने कहा कि एक्सीडेंट हो गया है, लोहिया पहुंचें आप। मैं लोहिया गई तो गोली की बात नहीं बताई गई, कहा गया कि छोटा सा एक्सीडेंट था। बाद में डॉक्टर ने कहा कि उनके सिर पर चोट लगी थी जिसके बाद ब्लीडिंग बहुत हुई और उन्हें बचाया नहीं जा सका।”

विवेक की पत्नी कल्पना ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जवाब चाहती हूं, पुलिस ने मेरे पति को मार दिया। अगर वो जैसी भी हालत में थे उन्हें गोली क्यों मारी गई। आरटीओ से नंबर के जरिए पता करते और फिर घर आते। गोली मारने की जरूरत क्यों आई?”

पत्नी ने सीएम को लिखा पत्र-

कल्पना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच और एक करोड़ रुपये की मांग की है। साथ ही कल्पना ने खुद के लिए पुलिस विभाग में नौकरी की मांग की है।

रात में वसूली करती है पुलिस-

घटनास्थल के आस-पास दुकानदारों की मानें तो देर रात पुलिस चेकिंग के नाम पर वसूली करती है। जिसके चलते आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी भी होती है। जब इस मामले को लेकर एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी से सवाल किया गया तो उन्होने कहा कि अगर ऐसा है तो आरोपी पाये जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ शख्त कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ। सूबे की राजधानी लखनऊ में बीती रात एक सनसनीखेज वारदात ने शहरवासियों के जहन में दहशत पैदा कर दी है। महज पुलिसकर्मियों के रोकने पर जब एक आम आदमी ने गाड़ी नहीं रोकी तो पुलिसकर्मी ने एक सधे निशाने से उस पर फायर कर दी और गोली सीधे उसकी ठोढ़ी में जा लगी, जिससे उसकी मौत हो गयी। एक हंसते खेलते परिवार की खुशियों को गैरजिम्मेदार खाकीधारियों ने उजाड़ कर रख दिया। पुलिस महकमा इस पूरे प्रकरण को लेकर कार्रवाई की बात कर अपना पल्ला झाड़ रहा है। आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मृतक की पत्नी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुलाने की मांग पर अड़ी हैं। उनका कहना है, जब तक सीएम योगी नही आते वो शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी।

ये है पूरा मामला-

गोमती नगर में शुक्रवार देर रात करीब पौने तीन बजे मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास दो सिपाहियों ने एसयूवी में सवार एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी। गोली लगते ही उसका संतुलन बिगड़ा और गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई। वहीं गोली लगने से विवेक की मौके पर ही मौत हो गई। यह देखते ही दोनों आरोपी सिपाही मौके से भाग निकले। दूसरे पुलिसकर्मियों ने विवेक को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विवेक की सहकर्मी सना की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर फायरिंग करने वाले कांस्टेबल प्रशांत कुमार और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों आरोपी सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया है।

क्या कहती है पुलिस-

यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने कहा कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया जा रहा है और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस घटना को शर्मनाक बताया है। वहीं एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया, कांस्टेबल को ऐसा लगा कि गाड़ी में अपराधी बैठे हुए हैं जो गश्त वाली बाइक में टक्कर मारने के बाद भागने की कोशिश कर रहे हैं। यही सोचकर उसने खुद के बचाव में गोली मार दी।

पोस्टमार्टम में हुआ ये खुलासा-

विवेक के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया और साथ ही इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गयी है। वहीं पैनल में मौजूद एक डॉक्टर का कहा है कि फायर का स्पॉट देखकर साफ है कि विवेक को काफी करीब से गोली मारी गयी है।

मृतक की पत्नी ने खड़े किए सवाल-

विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने कहा, "विवेक ने फोन पर बताया कि वो सना को छोड़ने के बाद घर पहुंचेंगे। मैंने बाद में फोन किया तो एक आदमी ने उठाया जिसने कहा कि एक्सीडेंट हो गया है, लोहिया पहुंचें आप। मैं लोहिया गई तो गोली की बात नहीं बताई गई, कहा गया कि छोटा सा एक्सीडेंट था। बाद में डॉक्टर ने कहा कि उनके सिर पर चोट लगी थी जिसके बाद ब्लीडिंग बहुत हुई और उन्हें बचाया नहीं जा सका।" विवेक की पत्नी कल्पना ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जवाब चाहती हूं, पुलिस ने मेरे पति को मार दिया। अगर वो जैसी भी हालत में थे उन्हें गोली क्यों मारी गई। आरटीओ से नंबर के जरिए पता करते और फिर घर आते। गोली मारने की जरूरत क्यों आई?"

पत्नी ने सीएम को लिखा पत्र-

कल्पना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि पूरे मामले की सीबीआई जांच और एक करोड़ रुपये की मांग की है। साथ ही कल्पना ने खुद के लिए पुलिस विभाग में नौकरी की मांग की है।

रात में वसूली करती है पुलिस-

घटनास्थल के आस-पास दुकानदारों की मानें तो देर रात पुलिस चेकिंग के नाम पर वसूली करती है। जिसके चलते आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी भी होती है। जब इस मामले को लेकर एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी से सवाल किया गया तो उन्होने कहा कि अगर ऐसा है तो आरोपी पाये जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ शख्त कार्रवाई की जाएगी।