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पढ़ाई-लिखाई में एससी/एसटी से भी बदतर स्थिति में मुस्लिम समुदाय: रिपोर्ट

By टीम पर्दाफाश 
Updated Date

नई दिल्ली: सच्चर कमिटी की मुसलमानों की शिक्षा के बारे में बताई गई बातें डेढ़ दशक पुरानी हो चुकी हैं। देश के मुसलमानों की शैक्षिक स्थिति बेहद खराब है। अब राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश के मुसलमान शिक्षा के कई मानदंडो पर एससी और एसटी से भी बदतर स्थिति में हैं।

एससी-एसटी से भी खराब मुसलमानों की शैक्षिक हालत
रिपोर्ट के अनुसार, मुसलमानों के कई सामाजिक समूहों में शिक्षा दर बेहद खराब है। नॉन एससी/एसटी/ओबीसी वाले 7 साल या उससे अधिक उम्र वाले ‘अन्य’ समूह में शिक्षा दर सबसे ज्यादा है। ऐसे वर्ग में शिक्षा दर पुरुषों में 91% जबकि महिला 81% है। वहीं ओबीसी में के पुरुषों में यह दर घटकर 84% और महिलाओं में 69% हो जाता है। एससी के पुरुषों में यह आंकड़ा घटकर 80.3% और महिलाओं में 64% पहुंच जाता है। एसटी वर्ग के पुरुषों में 78% और महिलाओं में 61% शिक्षा दर है।

ईसाई समूह सबसे ज्यादा शिक्षित
अन्य धार्मिक समूहों की बात करें तो 88% ईसाई पुरुष और 82% महिला शिक्षित हैं। इसके बाद सिख और फिर हिंदू हैं। मुसलमान पुरुषों में शिक्षा दर 80.6% है एससी समुदाय के बराबर है और एसटी वर्ग से थोड़ा सा ज्यादा है। मुस्लिम महिलाओं की शिक्षा दर एससी और एसटी महिला समुदायों से तो बेहतर है लेकिन अन्य धार्मिक समूहों की तुलना में कम है। एक निश्चित उम्र वर्ग वाले बच्चों के अटेंडेंस के मामले में भी मुस्लिम समुदाय अन्य धार्मिक समुदायों की तुलना में पिछड़ा है। केवल हायर सेकेंडरी स्तर पर इनकी संख्या एससी और एसटी समुदायों की तुलना में ज्यादा है।

GAR में भी एससी और एसटी आबादी से पीछे
प्राइमरी लेवल की बात करें तो हर 100 मुस्लिम का ग्रास अटेंडेंस रेस्यो (GAR) ‘अन्य’, एससी, एसटी, ओबीसी, सिख, ईसाई और हिंदुओं की तुलना में सबसे कम है। अपर प्राइमरी लेवल पर मुस्लिम समुदाय ही एकमात्र ऐसा समुदाय है जिसका GAR 90% से कम है। सेकंडरी लेवल पर मुसलमानों का GAR 71.9% है लेकिन एसटी (79.8%) और ओबीसी की तुलना में यह कम है। हायर सेकंडरी लेवल पर मुसलमानों का GAR 48.3% है, जो एससी (52.8%) से भी कम है।

मुसलमानों में ड्रॉपआउट का स्तर भी ज्यादा
हायर सेकंडरी लेवल से ऊपर की बात करें तो मुसलमानों का GAR 14.5% है जो आदिवासियों के 14.4% के आंकड़े से थोड़ा ऊपर है लेकिन दलितों को 17.8% आंकड़े से कम है। आदिवासियों की ज्यादातर आबादी सुदूर इलाकों में रहती है लेकिन मुसलमान उच्च शिक्षा वाले संस्थानों से ज्यादा दूर नहीं होते है लेकिन इसके बाद भी मुसलमानों में ड्रॉपआउट का स्तर आदिवासी समुदाय के बराबर ही है।

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