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श्रीलंका: मुस्लिम डॉक्टर ने 4000 बौद्ध महिलाओं की चुपचाप कर दी नसबंदी

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। श्रीलंका में एक मुस्लिम डॉक्टर की ओर से चार हजार बौद्ध महिलाओं की गुप्त रूप से नसबंदी के दावे से तनाव फैल गया है। यहां एक अखबार में छपी खबर के अनुसार एक मुस्लिम डॉक्टर ने गुप्त रूप से ऑपरेशन से बच्चों को जन्म देने वाली 4 हजार बौद्ध महिलाओं की नसबंदी की है। यहां के अखबार ‘दिवाइना’ ने 23 मई को यह दावा करते हुए अपने पहले पन्ने पर एक रिपोर्ट छापी थी।

इस रिपोर्ट में डॉक्टर की पहचान को उजागर नहीं किया गया है, लेकिन कहा जा रहा है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन नेशनल तौहीद जमात का सदस्य भी है। इस संगठन पर ईस्टर के मौके पर चर्चों और होटलों में बम धमाके कराने का आरोप लगा है। हालांकि इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती है।

अखबार के एडिटर इन चीफ अनुरा सोलोमोंस का कहना है कि ये खबर उनके अखबार ने पुलिस और अस्पताल के सूत्रों के हवाले से लिखी है। मुस्लिम डॉक्टर पर लगे इन आरोपों से यहां एक बार फिर हिंसा भड़कने का डर है। बता दें यहां बहुसंख्यक बौद्ध धर्म के कट्टरपंथी मुस्लिमों पर अपनी आबादी को तेजी से बढ़ाने का आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में नसबंदी की खबर से हिंसा हो सकती है।

इस खबर के दो दिन बाद ही पुलिस ने एक डॉक्टर सेगु शिहाबदीन मोहम्मद शफी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टर पर संदिग्ध पैसे से प्रॉपर्टी खरीदने का आरोप है। पुलिस नसबंदी के दावों की भी चांज कर रही है और उसका कहना है कि ऐसी महिलाओं को सामने आना चाहिए, जो शिकार हुई हैं। पुलिस के प्रवक्ता रुवान गुणाशेखरा ने बताया कि शफी पर मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है, लेकिन उन्होंने शफी पर किसी तरह के वित्तीय अपराध के आरोपों और नसबंदी के दावों पर कुछ भी कहने से इनकार किया।

शफी की पैरवी करने वाले वकील फारिस सैली ने कहा कि पूरी जांच में खामियां हैं क्योंकि एजेंसी ने नसबंदी के दावों को लेकर सबूतों की पड़ताल ही नहीं की। उन्होंने कहा कि शफी पर लगाए गए सभी आरोप प्रमाणित नहीं हैं। इस मामले से तनाव बढ़ गया है और सिंहली बौद्ध समुदाय के भिक्षओं ने पिछले दिनों शफी के अस्पताल कुरुनेगाला टीचिंग हॉस्पिटल के सामने प्रदर्शन भी किया।

महिला ने दर्ज कराया डॉक्टर के खिलाफ बयान

अस्पताल के बाहर अपनी पत्नी का इंतजार कर रहे एक ड्राइवर प्रदीप कुमार ने कहा, ‘यदि आरोप सही साबित होते हैं तो साफ हो जाएगा कि सिंहली बौद्ध समुदाय को खत्म करना चाहते हैं।’ प्रदीप कुमार की पत्नी ने डॉक्टर के खिलाफ बयान दिया है और बताया है कि कैसे 11 साल पहले ऑपरेशन से उसकी डिलिवरी कराई गई थी। प्रदीप ने बताया कि ऑपरेशन से बच्चा हुआ था, लेकिन इस खबर को सुनने के बाद उनकी चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि वे बीते 6 साल से बच्चे के लिए ट्राई कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

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