…यहां हिंदू-मुस्लिम मिलकर करते हैं रामलीला का मंचन

देहरादून। बुराई पर अच्छी की जीत कर प्रतीक दशहरा हिंदुओं का पवित्र त्यौहार है। इस दिन भगवान राम ने लंकापति रावण पर विजय प्राप्त की थी। इसलिए इस त्यौहार को हिन्दू बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन जगह-जगह मेले व रामलीला का आयोजन किया जाता है। प्रायः यही सुनने को को मिलता है कि दशहरे पर हिन्दू समुदाय रामलीला का मंचन करता आया है लेकिन आज आपको एक ऐसी जगह बताते हैं जहां एकता की मिशाल पेश करते हुए मुस्लिम भाई रामलीला का मंचन करते हैं और हिंदू उसका आनंद उठाते हैं।

जी हां उत्तराखंड के शांतिपुरी के पास एक बहुत ही पुराना गांव तुर्कागौरी है। जहां पिछले 13 सालों से मुस्लिम समुदाय के लोग ही भगवान श्रीराम की कथा का मंच कर रहे हैं। इस गांव में रहने वाले प्रत्येक हिंदुओं का कहना है कि यहां रामलीला का आयोजन हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर करते हैं। जिसमें राम का किरदार मुस्लिम युवक निभाता है तो वहीं लक्ष्मण का किरदार हिंदू युवक निभाता है।

इनका मानना है कि यहां हिंदू व मुस्लिम मिल-जुलकर सभी त्योहारों का आयोजन एक साथ करते हैं। रामलीला कमेटी की जिमेदारी 10 साल तक अशरफ अंसारी ने निभाया। उसके बाद वर्ष 2014 से लेकर अब तक लियाकत अंसारी निभा रहे हैं।