चीन में मुस्लिमों के साथ होता है ऐसा हाल, हाथ-पैर बांधकर पिलाई जाती है शराब

चीन में मुस्लिमों के साथ होता है ऐसा हाल, हाथ-पैर बांधकर पिलाई जाती है शराब
चीन में मुस्लिमों के साथ होता है ऐसा हाल, हाथ-पैर बांधकर पिलाई जाती है शराब

नई दिल्ली। चीन पर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां मुसलमानों पर नीतिगत तरीके से अत्याचार किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि चीन ने अपने यहां की मुस्लिम आबादी को दोबारा शिक्षित करने के लिए कैंप खोले हैं और अब इस कैंप में रहे एक मुस्लिम ने अपनी आपबीती सुनाई है, जिसे पढ़कर पेइचिंग में मुस्लिमों की दयनीय स्थिति उजागर होती है। यहां से निकले कुछ मुसलमानों का कहना है कि वहां जिन्दगी नर्क थी। खिलाया जा रहा सूअर का मांस, पिलाई जा रही शराब……..

Muslims Are Being Forced To Eat Pork Liquor Is Brewed In China :

रीएजुकेशन कैंप में रहे एक शख्स ऊमर बेकाली ने कहा, इन कैंपों में घटिया क्वालिटी का खाना दिया जा रहा है। कुछ अच्छा मांगने पर सजा के तौर पर जबरन सूअर का मांस और शराब पिलाई जाती है। जो इस्लाम में हराम है। बात यहीं खत्म नहीं हुई। एक इंटरव्यू में समरकंद ने कहा कि इस कैंप में उन्हें लगातार बेइज्जती का सामना करना पड़ा और उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश की गई। उन्हें हर दिन घटों-घंटों कम्युनिस्ट पार्टी का प्रॉपेगैंडा पढ़ने को मजबूर किया गया।

लगवाए राष्ट्रपति की लंबी उम्र के नारे

समरकंदने कहा कि इस कैंप में उन्हें लगातार टॉर्चर का सामना करना पड़ा और उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश की गई। उन्हें हर दिन घंटों कम्युनिस्ट पार्टी का प्रॉपेगैंडा पढ़ने को मजबूर किया गया। सारे मुसलमानों से हर दिन राष्ट्रपति शी चिनफिंग को शुक्रिया कहने वाले और उनकी लंबी उम्र की कामना वाले नारे लगवाए गए।

12 घंटों तक बांध देते हैं बेड़ियां

समरकंद के मुताबिक जो मुसलमान कैंप में नियमों का पालन नहीं करते थे या बहस करत थे तो उनके हाथों और पैरों में तकरीबन 12 घंटों के लिए बेड़ियां बांध दी जाती थी।’ इसके अलावा नियमों का पालन न करनेवालों के मुंह में गंदा पानी डाल दिया जाता था।

बड़ी संख्या को लिया हिरासत में

मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यूरोपियन स्कूल ऑफ कल्चर ऐंड थियॉलजी इन कोर्नटल के आद्रियान जेंज़ ने कहा है कि चीन के इन रीएजुकेशन कैंप में कई हजार मुस्लिमों को रखा गया है। शिनजियांग प्रांत में करीब 1 करोड़ 10 लाख मुस्लिम हैं जिसमें से बड़ी संख्या को एजुकेशन कैंप के नाम पर हिरासत में रखा गया है।

नई दिल्ली। चीन पर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां मुसलमानों पर नीतिगत तरीके से अत्याचार किया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि चीन ने अपने यहां की मुस्लिम आबादी को दोबारा शिक्षित करने के लिए कैंप खोले हैं और अब इस कैंप में रहे एक मुस्लिम ने अपनी आपबीती सुनाई है, जिसे पढ़कर पेइचिंग में मुस्लिमों की दयनीय स्थिति उजागर होती है। यहां से निकले कुछ मुसलमानों का कहना है कि वहां जिन्दगी नर्क थी। खिलाया जा रहा सूअर का मांस, पिलाई जा रही शराब........रीएजुकेशन कैंप में रहे एक शख्स ऊमर बेकाली ने कहा, इन कैंपों में घटिया क्वालिटी का खाना दिया जा रहा है। कुछ अच्छा मांगने पर सजा के तौर पर जबरन सूअर का मांस और शराब पिलाई जाती है। जो इस्लाम में हराम है। बात यहीं खत्म नहीं हुई। एक इंटरव्यू में समरकंद ने कहा कि इस कैंप में उन्हें लगातार बेइज्जती का सामना करना पड़ा और उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश की गई। उन्हें हर दिन घटों-घंटों कम्युनिस्ट पार्टी का प्रॉपेगैंडा पढ़ने को मजबूर किया गया।

लगवाए राष्ट्रपति की लंबी उम्र के नारे

समरकंदने कहा कि इस कैंप में उन्हें लगातार टॉर्चर का सामना करना पड़ा और उनका ब्रेनवॉश करने की कोशिश की गई। उन्हें हर दिन घंटों कम्युनिस्ट पार्टी का प्रॉपेगैंडा पढ़ने को मजबूर किया गया। सारे मुसलमानों से हर दिन राष्ट्रपति शी चिनफिंग को शुक्रिया कहने वाले और उनकी लंबी उम्र की कामना वाले नारे लगवाए गए।

12 घंटों तक बांध देते हैं बेड़ियां

समरकंद के मुताबिक जो मुसलमान कैंप में नियमों का पालन नहीं करते थे या बहस करत थे तो उनके हाथों और पैरों में तकरीबन 12 घंटों के लिए बेड़ियां बांध दी जाती थी।' इसके अलावा नियमों का पालन न करनेवालों के मुंह में गंदा पानी डाल दिया जाता था।

बड़ी संख्या को लिया हिरासत में

मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यूरोपियन स्कूल ऑफ कल्चर ऐंड थियॉलजी इन कोर्नटल के आद्रियान जेंज़ ने कहा है कि चीन के इन रीएजुकेशन कैंप में कई हजार मुस्लिमों को रखा गया है। शिनजियांग प्रांत में करीब 1 करोड़ 10 लाख मुस्लिम हैं जिसमें से बड़ी संख्या को एजुकेशन कैंप के नाम पर हिरासत में रखा गया है।