कुंभ मेले के लिए मुस्लिमों ने तोड़ी मस्जिद, ये रही वजह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से हिन्दू मुस्लिम एकता की बेहद अच्छी तस्वीर देखने को मिली है। ये तस्वीर तब सामने आई, जब संगम नगरी में अगले साल होने वाले कुम्भ के लिए सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा था। इस इलाके मे सरकारी जमीन को कब्ज़ा कर कई इमारतें बनी हैं। मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने खुद अतिक्रमण कर बनाए गए कब्रिस्तान और मस्जिद की दीवार को गिराकर आपसी सहयोग का बड़ा उदाहरण पेश किया है।

Muslims Demolished Parts Mosques Built On Govt Land Roads Kumbh Mela :

क्या था मामला

ये घटना इलाहाबाद के राजरूपपुर इलाके की है जहां बनी एक मस्जिद का कुछ हिस्सा और कब्रिस्तान की दीवार संबंधित संचालकों ने खुद ही गिरा दी है। यहां इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। मस्जिद और कब्रिस्तान के मुतवल्ली द्वारा खुद ही एक हिस्सा गिरा दिए जाने की एडीए अफसरों ने भी सराहना की है। इससे पहले भी एक ऐसा ही घटना सिविल लाइंस इलाके में इंदिरा भवन के निकट सड़क पर बनी मस्जिद को भी मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही गिरा दिया था।

सरकार के कदम का किया समर्थन

वहीं मस्जिद और कब्रिस्तान की दीवार ध्वस्त करने वाले मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि उन्होंने खुद की इच्छा से सभी अतिक्रमण को ध्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि इन सभी को सरकारी जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करके बनाया गया था, जिसके बाद हमनें खुद इसकी पहल करके इन्हें तोड़ दिया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि सरकार कुंभ के लिए सड़कों का चौड़ीकरण करा रही है, और यह विकास के लिहाज से एक बड़ा कदम है जिसका हम सभी समर्थन करते हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से हिन्दू मुस्लिम एकता की बेहद अच्छी तस्वीर देखने को मिली है। ये तस्वीर तब सामने आई, जब संगम नगरी में अगले साल होने वाले कुम्भ के लिए सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा था। इस इलाके मे सरकारी जमीन को कब्ज़ा कर कई इमारतें बनी हैं। मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने खुद अतिक्रमण कर बनाए गए कब्रिस्तान और मस्जिद की दीवार को गिराकर आपसी सहयोग का बड़ा उदाहरण पेश किया है।

क्या था मामला

ये घटना इलाहाबाद के राजरूपपुर इलाके की है जहां बनी एक मस्जिद का कुछ हिस्सा और कब्रिस्तान की दीवार संबंधित संचालकों ने खुद ही गिरा दी है। यहां इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। मस्जिद और कब्रिस्तान के मुतवल्ली द्वारा खुद ही एक हिस्सा गिरा दिए जाने की एडीए अफसरों ने भी सराहना की है। इससे पहले भी एक ऐसा ही घटना सिविल लाइंस इलाके में इंदिरा भवन के निकट सड़क पर बनी मस्जिद को भी मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही गिरा दिया था।

सरकार के कदम का किया समर्थन

वहीं मस्जिद और कब्रिस्तान की दीवार ध्वस्त करने वाले मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि उन्होंने खुद की इच्छा से सभी अतिक्रमण को ध्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि इन सभी को सरकारी जमीन पर अवैध रूप से अतिक्रमण करके बनाया गया था, जिसके बाद हमनें खुद इसकी पहल करके इन्हें तोड़ दिया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि सरकार कुंभ के लिए सड़कों का चौड़ीकरण करा रही है, और यह विकास के लिहाज से एक बड़ा कदम है जिसका हम सभी समर्थन करते हैं।